कनाडा दौरे पर NSA अजीत डोवाल, भारत-कनाडा रिश्तों में संवाद की नई पहल
NSA Ajit Doval on Canada visit, a new initiative for dialogue in India-Canada relations
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने हाल ही में कनाडा का दौरा कर वहां के शीर्ष सरकारी और सुरक्षा अधिकारियों से उच्चस्तरीय बातचीत की। यह यात्रा ऐसे समय पर हुई है, जब भारत और कनाडा के रिश्ते बीते कुछ महीनों से चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। जानकारों के अनुसार, यह वार्ता दोनों देशों के बीच संवाद को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
सुरक्षा मुद्दों पर केंद्रित रही बातचीत
बैठक के दौरान भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सीमा-पार अपराध, संगठित आपराधिक नेटवर्क और साइबर सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर दोनों पक्षों ने अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। इस बात पर सहमति जताई गई कि बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात में साझेदार देशों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।
आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख
वार्ता में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अजीत डोवाल ने जोर देकर कहा कि आतंकवादी गतिविधियों को राजनीतिक या वैचारिक आधार पर नजरअंदाज करना वैश्विक शांति के लिए खतरा है। कनाडा की ओर से भी आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने के संकेत दिए गए।
खुफिया सहयोग को मजबूत करने पर सहमति
दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने के मौजूदा तंत्र को और प्रभावी बनाने पर भी विचार किया। बातचीत में यह माना गया कि समय रहते सूचनाओं का आदान-प्रदान कई गंभीर खतरों को टाल सकता है। इसके लिए तकनीकी सहयोग और एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
वैश्विक सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
NSA डोवाल की बातचीत केवल द्विपक्षीय मसलों तक सीमित नहीं रही। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति, समुद्री सुरक्षा और बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर भी मंथन हुआ। भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की अहमियत पर जोर दिया, जिस पर कनाडा ने सकारात्मक रुख दिखाया।
रिश्तों में आई खटास कम करने की कोशिश
बीते समय में दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी को देखते हुए यह बैठक खास मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील मुद्दों पर सीधे संवाद से आपसी भरोसा बहाल करने में मदद मिल सकती है। वार्ता के दौरान यह संकेत भी मिले कि मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने की गुंजाइश बनी हुई है।
भविष्य के सहयोग की राह
हालांकि बैठक के नतीजों को लेकर आधिकारिक जानकारी सीमित है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत-कनाडा सुरक्षा संवाद को नई दिशा मिल सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक, यदि यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों के अन्य क्षेत्रों पर भी सकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
कूटनीतिक संतुलन की ओर संकेत
कुल मिलाकर, अजीत डोवाल का कनाडा दौरा भारत की सक्रिय कूटनीति और रणनीतिक संतुलन की नीति को दर्शाता है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संवाद के नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देती है।



