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नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव, रैपर से नेता बने बालेन शाह की पार्टी को ऐतिहासिक जीत, प्रधानमंत्री बनने की राह आसान

A major political shift in Nepal, rapper-turned-politician Balen Shah's party wins a historic victory, paving the way for becoming Prime Minister.

काठमांडू: नेपाल की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में हुए आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को कड़ी चुनौती दी है। इस चुनाव में रैपर से नेता बने 35 वर्षीय बालेन शाह की जीत ने नेपाल की राजनीति में नई दिशा की चर्चा तेज कर दी है।

झापा-5 संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे बालेन शाह ने नेपाल के चार बार प्रधानमंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराया है। चुनाव आयोग के अनुसार बालेन शाह को 68 हजार से अधिक वोट मिले, जबकि ओली को करीब 18 हजार वोटों से संतोष करना पड़ा। इस जीत के बाद बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं।

युवा नेतृत्व को मिला जनसमर्थन

नेपाल के इस चुनाव में युवाओं और नए नेतृत्व के प्रति जनता का झुकाव साफ दिखाई दिया। लंबे समय से देश की राजनीति पर काबिज पारंपरिक दलों के खिलाफ लोगों में नाराजगी देखी जा रही थी। इसी माहौल में बालेन शाह और उनकी पार्टी को जनता का व्यापक समर्थन मिला।

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक घोषित 97 सीटों के नतीजों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके अलावा कई अन्य सीटों पर भी पार्टी बढ़त बनाए हुए है। राजधानी काठमांडू के सभी चुनाव क्षेत्रों में आरएसपी का मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है।

नई राजनीति की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने नेपाल की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव की संभावना को मजबूत किया है। बालेन शाह पहले से ही युवाओं के बीच लोकप्रिय रहे हैं और काठमांडू के मेयर के रूप में भी उन्होंने अलग पहचान बनाई थी।

अब संसदीय चुनाव में बड़ी जीत मिलने के बाद उनके नेतृत्व में नई सरकार बनने की उम्मीद जताई जा रही है। समर्थकों का कहना है कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और पारदर्शी शासन देने के वादे के साथ आगे बढ़ रही है।

पारंपरिक दलों का कमजोर प्रदर्शन

इस चुनाव में नेपाल की पुरानी राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। नेपाली कांग्रेस ने सीमित सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) और अन्य दल भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जनता ने इस बार नई सोच और नए नेतृत्व को मौका देने का फैसला किया है। यही कारण है कि पारंपरिक दलों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है।

भारत ने दी बधाई

नेपाल के चुनाव परिणामों पर भारत भी नजर बनाए हुए था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की जनता को सफल चुनाव के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नेपाल के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों का उत्साह के साथ उपयोग कर रहे हैं, जो देश की लोकतांत्रिक यात्रा के लिए महत्वपूर्ण क्षण है।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे संबंध हैं और नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के विकास और सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।

ओली ने भी दी शुभकामनाएं

चुनाव में हार के बावजूद केपी शर्मा ओली ने बालेन शाह को जीत की बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए संदेश देते हुए कहा कि वे नई सरकार को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

नेपाल की राजनीति में यह चुनाव परिणाम एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है, जहां युवा नेतृत्व और नई राजनीतिक सोच को जनता का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।

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