AI इम्पैक्ट समिट से पहले भारत–मॉरीशस संबंधों को नई गति, दोनों देशों ने मजबूत साझेदारी के दिए संकेत
India-Mauritius relations gain new momentum ahead of AI Impact Summit, with both countries signaling a strong partnership
नई दिल्ली: भारत और मॉरीशस के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंध एक बार फिर मजबूती की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई बातचीत को दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस संवाद को ऐसे समय में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जब अगले सप्ताह भारत में एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन होने जा रहा है।
प्रधानमंत्री रामगुलाम ने जताया भरोसा
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. रामगुलाम ने इस बातचीत को रचनात्मक और भविष्य की दिशा तय करने वाला बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई चर्चा बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और मॉरीशस के बीच सहयोग आने वाले समय में और गहराएगा, खासकर विकास और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में।
तकनीक और नवाचार पर बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री रामगुलाम ने अपने बयान में यह भी कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और नवाचार को भविष्य की जरूरत मानते हैं। उनके अनुसार, एआई इम्पैक्ट समिट भारत और मॉरीशस को तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने का बड़ा अवसर देगा। यह मंच न केवल विचारों के आदान-प्रदान का जरिया बनेगा, बल्कि ठोस साझेदारी को भी बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने साझा की बातचीत की झलक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बातचीत को लेकर एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री से बात कर उन्हें खुशी हुई। पीएम मोदी के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष वाराणसी में हुई मुलाकात के बाद भारत–मॉरीशस सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
ऐतिहासिक और जन-आधारित रिश्तों पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मॉरीशस के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपसी विश्वास और साझा मूल्यों ने इन रिश्तों को मजबूत आधार दिया है। दोनों देशों ने इस विशेष साझेदारी को और आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
हिंद महासागर क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण
बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों प्रधानमंत्रियों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और विकास से जुड़े विषयों को लेकर दोनों देशों की सोच एक जैसी बताई गई।
एआई इम्पैक्ट समिट से बड़ी उम्मीदें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले सप्ताह भारत में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट के लिए प्रधानमंत्री रामगुलाम का स्वागत करने की बात कही। यह समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों पर वैश्विक चर्चा का एक अहम मंच होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत और मॉरीशस के बीच तकनीकी और डिजिटल सहयोग को नई दिशा दे सकता है।
आर्थिक सहयोग ने बढ़ाया भरोसा
भारत और मॉरीशस के रिश्तों को पिछले वर्ष तब और मजबूती मिली, जब भारत ने मॉरीशस को 680 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का विशेष आर्थिक सहयोग पैकेज दिया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री रामगुलाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सात अहम समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिन्होंने द्विपक्षीय सहयोग को नया आधार दिया।
विज्ञान, ऊर्जा और अंतरिक्ष तक साझेदारी
इन समझौतों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समुद्र विज्ञान, लोक प्रशासन, ऊर्जा, छोटे विकास प्रोजेक्ट, जल संसाधन और अंतरिक्ष जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सहयोग से मॉरीशस के विकास को गति मिलेगी, वहीं भारत की क्षेत्रीय भूमिका भी और सशक्त होगी।
भविष्य की ओर मजबूत कदम
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री रामगुलाम के बीच हुई यह बातचीत भारत–मॉरीशस संबंधों में नई ऊर्जा का संकेत देती है। एआई इम्पैक्ट समिट के साथ दोनों देशों के बीच तकनीक, विकास और रणनीतिक सहयोग को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और मजबूत होती दिखाई दे सकती है।



