उत्तराखंड

Tehri Heavy Rain Damage: बिलोंदी पुल पर तबाही, दुकानों में घुसा मलबा, वाहन दबे, चार घंटे बंद रहा मोटर मार्ग

Tehri Heavy Rain Damage: Havoc at Bilondi Bridge—Debris Enters Shops, Vehicles Buried, Motor Road Closed for Four Hours.

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और इसी बीच Tehri Heavy Rain Damage ने जौनपुर विकासखंड क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। शुक्रवार दोपहर हुई मूसलधार बारिश ने भवान-नगुण मोटर मार्ग पर स्थित बिलोंदी पुल क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज सैलाब के साथ आए मलबे ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि सड़क किनारे खड़े वाहन भी कीचड़ और पत्थरों के नीचे दब गए।

इस अचानक आई आपदा से स्थानीय व्यापारियों, वाहन मालिकों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में सामान्य दिनचर्या आपदा जैसे हालात में बदल गई और लोगों को अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए भागना पड़ा।

बिलोंदी पुल क्षेत्र बना तबाही का केंद्र

शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे जौनपुर विकासखंड में तेज बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया और बिलोंदी पुल के आसपास भारी मात्रा में पानी और मलबा जमा हो गया। Tehri Heavy Rain Damage का सबसे ज्यादा असर इसी क्षेत्र में देखने को मिला।

मलबे के तेज बहाव ने आधा दर्जन से अधिक दुकानों में घुसकर सामान को बर्बाद कर दिया। दुकानदारों के अनुसार पानी के साथ आए पत्थर, मिट्टी और लकड़ियों ने लाखों रुपये के सामान को नुकसान पहुंचाया।

सीमेंट के 215 कट्टे भीगने से व्यापारी को भारी नुकसान

स्थानीय दुकानदार कुलवीर सिंह ने बताया कि उनकी दुकान में रखे 215 कट्टे सीमेंट पूरी तरह भीग गए, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सीमेंट के अलावा अन्य निर्माण सामग्री और जरूरी सामान भी उपयोग लायक नहीं बचा।

Tehri Heavy Rain Damage के बाद व्यापारी बेहद चिंतित हैं, क्योंकि पर्यटन और निर्माण सीजन के दौरान स्टॉक किया गया माल अचानक आई बारिश में नष्ट हो गया।

कार और दो स्कूटी मलबे में दबीं

बारिश से आए मलबे ने केवल दुकानों को ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे खड़ी एक कार और दो स्कूटी को भी अपनी चपेट में ले लिया। वाहन पूरी तरह कीचड़ और पत्थरों के नीचे दब गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति वाहनों के भीतर मौजूद नहीं था।

स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

चार घंटे तक बंद रहा भवान-नगुण मोटर मार्ग

Tehri Heavy Rain Damage के कारण भवान-नगुण मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया। इसके चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं।

करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई लोग अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सके, जबकि कुछ यात्रियों को वाहन छोड़कर पैदल रास्ता पार करना पड़ा।

जेसीबी की मदद से हटाया गया मलबा

सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीनों की सहायता से सड़क पर जमा मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। लगातार प्रयासों के बाद देर शाम मार्ग को आंशिक रूप से खोला गया और वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकी।

थत्यूड़ थानाध्यक्ष महावीर सिंह रावत ने बताया कि टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

व्यापारियों ने की मुआवजे की मांग

भारी नुकसान झेलने वाले स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय निवासी महिपाल सिंह रावत, विनोद सेमवाल और अन्य लोगों ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों की आजीविका पर संकट आ गया है।

उनका कहना है कि Tehri Heavy Rain Damage से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और सरकारी राहत पैकेज के तहत प्रभावित लोगों को सहायता दी जाए।

मौसम विभाग की चेतावनी और बढ़ी चिंता

उत्तराखंड के कई जिलों में मौसम विभाग पहले ही तेज बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून से पहले होने वाली इस तरह की अतिवृष्टि भविष्य के लिए चेतावनी है। संवेदनशील क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था और ढांचागत सुधार की आवश्यकता है।

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और अनावश्यक यात्रा न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करें। स्थानीय प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

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