चमोली: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 से 13 मार्च तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय बजट सत्र से पहले उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने विधानसभा घेराव की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के नेता और युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी इन दिनों गैरसैंण क्षेत्र में सक्रिय होकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं और आंदोलन को सफल बनाने के लिए समर्थन जुटा रहे हैं।
आशीष नेगी गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें विधानसभा घेराव में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड लंबे समय से राष्ट्रीय दलों की राजनीति में उलझा हुआ है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उनके मुताबिक प्रदेश के विकास और पहाड़ों की समस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्रीय सोच वाली राजनीति की जरूरत है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग
उक्रांद नेता ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर पहली ही कैबिनेट बैठक में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिसीमन लागू किया जाना चाहिए, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में नई कमीशनरी बनाने की जरूरत है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए नए जिलों के गठन का प्रस्ताव भी पार्टी की योजना में शामिल है। उक्रांद ने प्रदेश के लिए कुल 26 जिलों का एक प्रारूप तैयार किया है, जिसे भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उपयोगी बताया जा रहा है।
मूल निवास और भू कानून लागू करने का वादा
आशीष नेगी ने कहा कि वर्ष 2027 में यदि उक्रांद की सरकार बनती है तो राज्य के हितों के अनुसार मूल निवास और भू कानून तैयार कर उसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कानून आम जनता की राय लेकर बनाया जाएगा, ताकि राज्य के संसाधनों और जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
उन्होंने बताया कि पार्टी में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उक्रांद का मानना है कि राज्य आंदोलन की भावना को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की सक्रिय भूमिका जरूरी है। इसी दिशा में संगठन को मजबूत करने के लिए गांव और बूथ स्तर तक टीम तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 11,500 से अधिक विधानसभा बूथों में से अब तक करीब 3,700 बूथों पर सक्रिय प्रबंधन टीम बनाई जा चुकी है। आने वाले समय में बाकी बूथों तक भी संगठन का विस्तार किया जाएगा। पार्टी के महिला और सैनिक प्रकोष्ठ भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना
उक्रांद नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 26 वर्षों में भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने के बजाय उन्हें और बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर व्यवस्था के कारण पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन लगातार बढ़ रहा है।
उनके अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में पहाड़ों में विधानसभा सीटों की संख्या भी घट सकती है, जिससे क्षेत्र की आवाज और कमजोर हो जाएगी।
विधानसभा घेराव में प्रदेशभर से जुटेंगे कार्यकर्ता
उक्रांद ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे।
आशीष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने और पहाड़ से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि जब तक पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उक्रांद जनता के साथ सड़कों पर संघर्ष करता रहेगा।



