Char Dham Yatra 2026: अफवाहों से बचने की अपील, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सीएम धामी के सख्त निर्देश
Char Dham Yatra 2026: Appeal to avoid rumors; CM Dhami issues strict instructions to officials regarding facilities for pilgrims.
Char Dham Yatra 2026 के दौरान उत्तराखंड सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और यात्रा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में चारधाम यात्रा और हेमकुंट साहिब यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसी खबरें सामाजिक सौहार्द और व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
40 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि Char Dham Yatra 2026 इस वर्ष सुचारु रूप से संचालित हो रही है और अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंट साहिब यात्रा में भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के शुरुआती दिनों में ही पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 हजार अधिक श्रद्धालु हेमकुंट साहिब पहुंच चुके हैं, जो इस पवित्र यात्रा के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि अपनी संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के कारण भी दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि Char Dham Yatra 2026 के दौरान आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु और पर्यटक की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सुखद यात्रा का अनुभव लेकर अपने घर लौटे। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से भी अपील की कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें।
कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं पर सरकार की नजर
मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में प्रशासन और पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच के दौरान जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी तथ्यों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी व्यक्ति को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सिख धार्मिक स्थलों के प्रति सम्मान उत्तराखंड की परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सिख गुरुओं से जुड़े तीन प्रमुख पवित्र स्थल—हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब स्थित हैं, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करना उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि “अतिथि देवो भवः” की भावना के अनुरूप राज्य में आने वाले हर श्रद्धालु और पर्यटक का स्वागत और सम्मान किया जाता है। यही उत्तराखंड की पहचान और विरासत है।
समाज को बांटने की कोशिश करने वालों को चेतावनी
Char Dham Yatra 2026 के दौरान सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे झूठी और भड़काऊ खबरों को साझा करने से बचें और समाज को बांटने की कोशिश न करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का समान योगदान रहा है। इसलिए किसी भी प्रकार की नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवाद और सौहार्द से ही निकलेगा हर समस्या का समाधान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के सभी धार्मिक स्थल श्रद्धा, आस्था और प्रेरणा के केंद्र हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि देवभूमि में ऐसा कोई कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी धर्म, आस्था या व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे।
उन्होंने कहा कि संवाद, आपसी विश्वास और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही हर समस्या का समाधान संभव है। सरकार सभी समुदायों और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य में शांति और भाईचारे का माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



