Gold Silver Price: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अहम खबर, बाजार खुलते ही गिरे दाम
Important news for buyers, prices dropped as soon as the market opened
Gold and Silver Price: सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र राहत भरी खबर लेकर आया। घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सप्ताह की शुरुआत में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजार में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भी सोने और चांदी में कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
सोने की कीमत में आई इतनी गिरावट
सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में MCX पर सोने की कीमत करीब 0.51 फीसदी नीचे रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोने का भाव ₹1,54,180 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जो पिछले स्तर की तुलना में करीब ₹790 की गिरावट है।
हालांकि, बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है। हालिया कारोबारी सत्रों में भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर कीमती धातुओं पर देखा गया है।
चांदी में सोने से ज्यादा कमजोरी
चांदी की कीमतों में गिरावट सोने के मुकाबले ज्यादा रही। सोमवार के शुरुआती कारोबार में चांदी करीब 0.86 फीसदी कमजोर होकर ₹2,39,840 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई। इसमें करीब ₹2,090 की गिरावट दर्ज की गई।
हाल के कारोबारी सत्रों में चांदी में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 18 सितंबर को MCX पर चांदी वायदा में तेजी दर्ज हुई थी, जिससे यह साफ है कि इस समय बुलियन मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है।
वैश्विक तनाव के बीच क्यों फिसला सोना?
आमतौर पर वैश्विक संकट के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इसकी कीमत केवल युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव से तय नहीं होती। डॉलर की मजबूती, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, बॉन्ड यील्ड और निवेशकों की रणनीति भी कीमतों को प्रभावित करती है।
बाजार में डॉलर मजबूत होने पर सोने पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव के दौरान कुछ बड़े निवेशक नकदी जुटाने के लिए मुनाफे वाले एसेट में बिकवाली कर सकते हैं। इसका असर सोने और चांदी दोनों पर पड़ सकता है।
मुनाफावसूली भी बनी गिरावट की वजह
पिछले कुछ समय में सोने ने ऊंचे स्तरों पर कारोबार किया है। ऐसे में जिन निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की थी, वे मौजूदा ऊंची कीमतों पर मुनाफा बुक कर सकते हैं। इस तरह की बिकवाली भी कीमतों में अस्थायी गिरावट ला सकती है।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की दिशा तय करने में अब डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों, कच्चे तेल और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे वैश्विक संकेत अहम रहेंगे। हालिया बाजार रिपोर्टों में भी दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इसलिए सोना-चांदी खरीदने या निवेश करने वाले लोगों के लिए केवल एक दिन की गिरावट को देखकर फैसला लेने के बजाय बाजार की पूरी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।



