UPNL कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला फिर हाईकोर्ट पहुंचा, 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई
Issue of UPNL employees' regularization reaches High Court again; next hearing on October 27.
नैनीताल: उत्तराखंड में UPNL कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। बुधवार, 7 अक्टूबर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में कर्मचारियों की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की है।
सरकार ने मांगा और समय
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले में जवाब और आगे की कार्रवाई के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। अदालत ने सरकार को समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी।
वहीं, UPNL कर्मचारी संघ की ओर से अदालत में कहा गया कि पुराने आदेश के बावजूद अभी तक नियमितीकरण को लेकर ठोस फैसला नहीं लिया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से लगातार समय मांगा जा रहा है, जिससे मामला लंबे समय से लंबित है।
कर्मचारियों ने जताई आदेश की अनदेखी की बात
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दावा किया गया कि उन्हें ऐसे बांड भरने के लिए कहा जा रहा है, जो अदालत के पूर्व आदेशों के अनुरूप नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया से उनके हित प्रभावित हो रहे हैं।
संघ ने अदालत से मामले में जल्द सुनवाई और पूर्व में दिए गए आदेशों के अनुपालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की है। हालांकि, सरकार का पक्ष इस मामले में अंतिम रूप से अदालत के सामने अगली सुनवाई में स्पष्ट हो सकता है।
2018 में हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
UPNL कर्मचारियों के नियमितीकरण का विवाद नया नहीं है। 12 नवंबर 2018 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपने फैसले में UPNL के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने का निर्देश दिया था। अदालत ने इसके लिए उस समय लागू नियमितीकरण योजनाओं के अनुसार कार्रवाई करने को कहा था। साथ ही न्यूनतम वेतनमान, महंगाई भत्ता और बकाया भुगतान से जुड़े निर्देश भी दिए गए थे।
राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2024 को राज्य की अपील खारिज कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट में आदेश के अनुपालन को लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू हुई।
लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारी
UPNL कर्मचारियों का कहना है कि अदालतों के फैसले के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
अब सभी की नजर 27 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर है। उस दिन अदालत के सामने सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद नियमितीकरण को लेकर अगला रास्ता तय हो सकता है।

