8th Pay Commission: सैलरी और पेंशन पर बढ़ी हलचल, बेंगलुरु-मुंबई बैठकों से बढ़ीं उम्मीदें
Buzz around salary and pension intensifies, meetings in Bengaluru and Mumbai raise hopes.
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से बातचीत कर उनकी मांगों और सुझावों को समझ रहा है। इसी क्रम में बेंगलुरु और मुंबई में होने वाली आगामी बैठकों पर नजर बनी हुई है।
8वें वेतन आयोग में किन मुद्दों पर चर्चा?
8th Pay Commission के दायरे में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों की समीक्षा शामिल है। केंद्र सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक आयोग को अपनी सिफारिशें गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर देनी हैं। सरकार ने आयोग के लिए आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन और कर्मचारियों के मौजूदा वेतन-भत्तों जैसे पहलुओं को ध्यान में रखने को कहा है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक पे, भत्तों और पेंशन में बदलाव जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन मांगों को अभी अंतिम सरकारी फैसला नहीं माना जा सकता।
बेंगलुरु और मुंबई में होगी अहम बैठक
आयोग के देशव्यापी परामर्श कार्यक्रम के तहत बेंगलुरु में 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में हितधारकों के साथ चर्चा होनी है। मुंबई बैठक में शामिल होने के इच्छुक संगठनों और संस्थाओं को 10 अक्टूबर तक नियुक्ति के लिए आवेदन करने को कहा गया है।
इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों की ओर से अपनी मांगें आयोग के सामने रखने का मौका मिलेगा। इससे वेतन ढांचे और पेंशन से जुड़े सुझावों पर चर्चा आगे बढ़ सकती है।
3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग, ₹69 हजार न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग सामने आई है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी यानी NC-JCM के स्टाफ साइड ने अपने ज्ञापन में न्यूनतम वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने का प्रस्ताव रखा है। इसी गणना के आधार पर 3.833 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया गया है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹69,000 और 3.833 अभी कर्मचारी पक्ष के प्रस्ताव हैं। आयोग ने इन पर अंतिम सिफारिश या सरकार ने मंजूरी की घोषणा नहीं की है।
₹54 हजार या ₹72 हजार की सैलरी का दावा कितना सही?
मौजूदा 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। केवल उदाहरण के तौर पर 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह राशि ₹54,000 होगी। इसी तरह 3.833 के प्रस्ताव से गणना लगभग ₹69,000 और 4.0 के आधार पर ₹72,000 बैठती है।
लेकिन इसे वास्तविक नई सैलरी नहीं माना जा सकता। अंतिम वेतन इस बात पर निर्भर करेगा कि आयोग क्या सिफारिश करता है और सरकार उसे किस रूप में मंजूर करती है।
पेंशन और DA पर भी नजर
कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स के लिए भी 8th Pay Commission महत्वपूर्ण है। पेंशन रिवीजन, भत्तों और अन्य लाभों से जुड़े सुझाव आयोग के सामने रखे जा रहे हैं। वहीं DA को बेसिक पे में मर्ज करने जैसे मुद्दों पर भी कर्मचारी संगठनों की मांगें सामने आई हैं।
सरकार ने फिलहाल आयोग की सिफारिशों की अंतिम तारीख या नई सैलरी लागू होने की विस्तृत प्रक्रिया घोषित नहीं की है। आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी 2026 को संभावित प्रभावी तारीख के रूप में सामान्य वेतन आयोग परंपरा के संदर्भ में बताया गया है, लेकिन वास्तविक क्रियान्वयन सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।



