उत्तर प्रदेश

Ram Mandir Trust: CEO के नाम पर लग सकती है मुहर, बैठक में DM भी मौजूद, 3 नए सदस्यों पर भी फैसला!

Ram Mandir Trust: CEO likely to be finalized; DM also present at the meeting; decision on 3 new members also expected!

अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक हलचल सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक बुधवार को मणिराम दास छावनी में चल रही है। बैठक में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्यों के साथ अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी भी पहुंचे हैं। सबसे बड़ा सवाल ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम को लेकर है। माना जा रहा है कि बैठक में इस पर अंतिम फैसला हो सकता है।

इसके साथ ही ट्रस्ट के खाली पड़े तीन सदस्य पदों को भरने की प्रक्रिया भी पूरी होने की खबर है। मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव के नाम सामने आए हैं। हालांकि, इन नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा ट्रस्ट की ओर से की जानी बाकी है।

Ram Mandir Trust की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

मणिराम दास छावनी में चल रही बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर हो रही बैठक में ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्य मौजूद हैं। कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े हैं।

बैठक में CEO की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट के प्रशासन से जुड़े कई दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें ट्रस्ट डीड में संभावित संशोधन और प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति जैसे विषय शामिल हैं। ऐसे में बैठक का एजेंडा केवल CEO के चयन तक सीमित नहीं माना जा रहा।

CEO के नाम पर आज हो सकता है अंतिम फैसला

Ram Mandir Trust के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर पिछले काफी समय से प्रक्रिया चल रही थी। खोज समिति ने संभावित उम्मीदवारों के नामों का मूल्यांकन करने के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया है। यह पैनल मंगलवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को सौंपा गया।

अब अंतिम फैसला ट्रस्ट बोर्ड को करना है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बैठक में तीन नामों पर विचार के बाद एक नाम पर सहमति बनाई जा सकती है। ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि CEO की नियुक्ति का फैसला सर्वसम्मति से किया जाएगा।

तीन नए सदस्यों के नाम भी चर्चा में

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के तीन खाली पदों को भरने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव को ट्रस्ट का सदस्य बनाए जाने की खबर है।

इन नामों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद ट्रस्ट की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नए सदस्यों और CEO के फैसले की जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।

Ram Mandir Trust में कौन-कौन मौजूद?

बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के अलावा कृष्ण मोहन, गोविंद देव गिरि महाराज, विश्व हिंदू परिषद से दिनेश जी, बजरंग बांगड़ा, कमलनयन दास, महंत दिनेंद्र दास महाराज और जगदीश आफले समेत कई सदस्य मौजूद रहे।

अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी भी बैठक में शामिल होने पहुंचे। कुछ अन्य ट्रस्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी को भी बैठक के महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रमोद कोहली समिति ने सुझाए तीन नाम

CEO के चयन के लिए बनाई गई खोज समिति की अध्यक्षता रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली ने की। तीन सदस्यीय समिति में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे भी शामिल थे।

समिति ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को सौंप दी। रिपोर्ट में तीन योग्य पेशेवरों के नामों की सिफारिश की गई है। समिति ने उम्मीदवारों का मूल्यांकन नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन विशेषज्ञता, ईमानदारी और दूरदर्शिता जैसे मानकों के आधार पर किया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्था के लिए तलाश

चयन समिति के सचिव समीर पांडा के अनुसार, CEO पद के लिए ऐसे पेशेवरों की तलाश की गई जो बड़े संस्थान को प्रभावी तरीके से संचालित करने की क्षमता रखते हों। उम्मीदवारों की संस्थागत नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन कौशल के साथ उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण का भी आकलन किया गया।

Ram Mandir Trust के लिए CEO का पद इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, निर्माण कार्य और भविष्य की योजनाओं के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत है।

सर्वसम्मति से फैसला लेने की तैयारी

ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने पहले ही कहा था कि CEO के नाम पर अंतिम फैसला विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया था कि बोर्ड की बैठक के बाद ही आधिकारिक परिणाम सामने आएगा।

ऐसे में अब सभी की नजर बैठक के अंतिम फैसले पर टिकी है। अगर बोर्ड किसी एक नाम पर सर्वसम्मति बना लेता है तो राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण पद की नियुक्ति पूरी हो जाएगी।

ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी हो सकती है चर्चा

CEO और नए सदस्यों की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट डीड में संशोधन भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकता है। इसके साथ ही मीडिया और सार्वजनिक संवाद से जुड़े कामों के लिए प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इन फैसलों का उद्देश्य ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित करना माना जा रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर से जुड़ी भविष्य की योजनाओं के बीच ट्रस्ट के सामने प्रबंधन की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं।

अब आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल सबसे ज्यादा नजर CEO के नाम पर टिकी हुई है। खोज समिति की रिपोर्ट ट्रस्ट के पास पहुंच चुकी है और अब अंतिम निर्णय बोर्ड को करना है। साथ ही तीन नए सदस्यों के नाम भी सामने आ चुके हैं।

Ram Mandir Trust की बैठक समाप्त होने के बाद आधिकारिक घोषणा से तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। CEO कौन होगा और नए सदस्यों को लेकर क्या अंतिम फैसला हुआ, इसकी जानकारी ट्रस्ट की ओर से सार्वजनिक किए जाने का इंतजार है।

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