उत्तराखंड

महिला संवाद में सशक्तिकरण की गूंज, गीतों से PM-CM का आभार; योजनाओं का जिक्र कर महिलाओं ने सुनाई अपनी कहानी

Empowerment resonates at the women's dialogue; PM and CM thanked through songs; women share their stories while highlighting government schemes.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में Women Empowerment का मुद्दा केंद्र में रहा। मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं और अपने अनुभवों को साझा किया। इसी दौरान एक महिला ने गीत के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की भागीदारी केवल योजनाओं की चर्चा तक सीमित नहीं रही। संवाद में महिलाओं ने अपने अनुभव बताए और यह भी बताया कि स्वयं सहायता समूहों तथा आर्थिक सहायता से उन्हें अपने परिवार और आजीविका को संभालने में किस तरह मदद मिली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने भी महिलाओं से सीधे संवाद किया और उनके सुझाव सुने।

गीत के जरिए योजनाओं का जिक्र

मातृशक्ति संवाद के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने गीत प्रस्तुत किया। इस गीत में महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया गया। महिला ने बिना ब्याज के ऋण, लखपति दीदी योजना और महिला स्वयं सहायता समूहों जैसी पहलों का जिक्र करते हुए अपने अनुभव और भावनाएं व्यक्त कीं।

गीत की प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया। महिला ने गीत के जरिए प्रधानमंत्री मोदी तक अपनी बात पहुंचाने की इच्छा जताई। गीत में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं को मिलने वाले अवसरों और आर्थिक सहयोग को रेखांकित किया गया।

Women Empowerment पर सरकार का जोर

कार्यक्रम में Women Empowerment को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार कौशल विकास, उद्यमिता और बाजार उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। उनके अनुसार महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आर्थिक गतिविधियों और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने बताया कि महिला समूहों के उत्पादों को विभिन्न मेलों और आयोजनों के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन तथा रोडवेज बस अड्डों जैसे स्थानों पर बिक्री के अवसर देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वयं सहायता समूहों से आर्थिक बदलाव

Women Empowerment की चर्चा में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका भी प्रमुख रही। कार्यक्रम में एक महिला लाभार्थी ने अपने जीवन के मुश्किल दौर का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक संकट के समय उनका परिवार गंभीर परेशानी से गुजरा, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने दोबारा अपने परिवार को संभालने की कोशिश शुरू की।

महिला ने समूहों के लिए उपलब्ध ऋण सुविधा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उन्हें आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में मदद मिली। इसी अनुभव के बाद उन्होंने कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं पर आधारित गीत प्रस्तुत किया।

यह पहल इस बात को भी सामने लाती है कि Women Empowerment केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। जब महिलाओं को समूह, प्रशिक्षण, ऋण और बाजार जैसी सुविधाएं मिलती हैं, तो वे अपनी आय के साधन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला और सशक्त बहना योजना का जिक्र

कार्यक्रम में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को कौशल और उद्यमिता से जोड़ने के साथ उनके बनाए उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहल के जरिए महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने और आसान ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। वहीं, महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना का भी उल्लेख किया गया।

सरकार की ओर से महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को House of Himalayas ब्रांड के जरिए बाजार देने की बात भी सामने आई। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को एक अलग पहचान और बिक्री का मंच उपलब्ध कराना है।

घर से कारोबार तक महिलाओं की बढ़ती भूमिका

कार्यक्रम में महिलाओं की बदलती आर्थिक भूमिका पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं सिलाई और बुनाई जैसे पारंपरिक कामों के साथ-साथ कारोबार और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ रही हैं।

Women Empowerment के इस मॉडल में स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार और महिला समूहों को बाजार से जोड़ने की कोशिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां रोजगार के सीमित अवसर हैं, वहां स्थानीय उत्पादों और महिला समूहों को बाजार उपलब्ध कराना परिवारों की आय बढ़ाने का एक माध्यम बन सकता है।

आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं की भागीदारी

मातृशक्ति संवाद में Women Empowerment को आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम में यह संदेश सामने आया कि महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी के रूप में देखने के बजाय उन्हें आर्थिक और सामाजिक बदलाव में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

महिलाओं द्वारा प्रस्तुत गीत भी इसी भावना को सामने लाता दिखाई दिया। इसमें योजनाओं के जरिए मिले सहयोग के साथ महिलाओं की अपनी मेहनत और आगे बढ़ने की इच्छा को अभिव्यक्ति मिली।

संवाद से सामने आया महिला भागीदारी का पक्ष

मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में महिलाओं ने योजनाओं के लाभ, अपनी चुनौतियों और भविष्य की उम्मीदों पर बात रखी। मुख्यमंत्री ने भी महिलाओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

इस कार्यक्रम में Women Empowerment केवल एक सरकारी नीति या योजना का विषय नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के अनुभवों और उनकी आवाज के जरिए सामने आया। गीत से लेकर संवाद तक, कार्यक्रम में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, समूह आधारित काम और उद्यमिता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

देहरादून में आयोजित यह कार्यक्रम इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा कि इसमें महिलाओं ने योजनाओं को लेकर अपनी बात सीधे मंच पर रखी। गीत के जरिए व्यक्त किया गया आभार कार्यक्रम का भावनात्मक हिस्सा बना, जबकि संवाद के दौरान महिला समूहों, उत्पादों और उद्यमिता को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में आए।

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