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Sagar Liquor Case: 30 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, हथियार और कारतूस बरामद

Sagar Liquor Case: Accused carrying a reward of ₹30,000 injured in police encounter; weapon and cartridges recovered.

मध्य प्रदेश के सागर में सामने आए जहरीली शराब मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। Sagar Liquor Case में पुलिस ने एक और आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 30 हजार रुपये का इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत बहरोल इलाके के पास जंगल में छिपा हुआ था। घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले को लेकर सरकार की सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है और अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

जंगल में छिपे होने की मिली थी सूचना

पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर की सुबह बहरोल थाना पुलिस को जानकारी मिली थी कि Sagar Liquor Case का आरोपी शिवांजय राजपूत मड़ैया के आसपास जंगल क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस को यह आशंका भी थी कि वह मुख्य मार्ग से होते हुए अपने घर छापरी की तरफ निकलने की कोशिश कर सकता है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल आसपास के थानों को अलर्ट किया। थाना बान्द्री प्रभारी सतेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों और जंगल के आसपास घेराबंदी शुरू कर दी, ताकि आरोपी भागने में सफल न हो सके।

पुलिस को देखते ही फायरिंग का आरोप

पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के दौरान जब शिवांजय राजपूत की नजर पुलिस टीम पर पड़ी तो उसने गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने टीम की ओर तीन फायर किए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और दो राउंड फायर किए गए।

इसी दौरान एक गोली आरोपी के पैर में लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर गया और पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।

यह कार्रवाई Sagar Liquor Case की जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पुलिस लंबे समय से मामले से जुड़े आरोपियों की तलाश कर रही है।

आरोपी के पास से हथियार बरामद

पुलिस ने शिवांजय राजपूत के कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा तीन जिंदा कारतूस और तीन खाली कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।

बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और वह घटना के बाद किन लोगों के संपर्क में था। मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच से मामले से जुड़े नए सुराग मिलने की उम्मीद है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिवांजय राजपूत पहले से शराब तस्करी से जुड़े मामलों में नामजद रहा है। उसके खिलाफ तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में Sagar Liquor Case में उसकी भूमिका की जांच के साथ उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।

30 हजार रुपये का था इनाम

शिवांजय राजपूत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस को जैसे ही उसके जंगल में छिपे होने की जानकारी मिली, टीमों ने बिना देरी किए इलाके में घेराबंदी कर दी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के संभावित भागने के रास्तों पर भी निगरानी रखी गई थी। इसी वजह से वह पुलिस की घेराबंदी से बाहर नहीं निकल सका। अब उससे पूछताछ के जरिए मामले में अन्य आरोपियों और शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

Sagar Liquor Case को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही प्रशासन और पुलिस को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीर और दुखद बताते हुए कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। उनका कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासन की ओर से मामले में हो रही कार्रवाई की निगरानी भी की जा रही है।

अब आगे क्या होगी जांच?

शिवांजय राजपूत के घायल होने और गिरफ्तारी के बाद Sagar Liquor Case की जांच का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि जहरीली शराब मामले में उसकी सटीक भूमिका क्या थी और वह किन लोगों के संपर्क में था।

पुलिस उसके मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और बरामद हथियार की भी जांच करेगी। इसके अलावा शराब की खरीद, परिवहन और सप्लाई से जुड़े संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

फिलहाल आरोपी अस्पताल में पुलिस निगरानी में है। पुलिस की ओर से बताई गई मुठभेड़ की परिस्थितियों और बरामदगी से जुड़े तथ्यों की जांच प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। Sagar Liquor Case में एक के बाद एक हो रही कार्रवाई के बीच अब जांच एजेंसियों की नजर उन लोगों पर है, जिनकी भूमिका इस पूरे मामले में सामने आ सकती है।

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