Gen Z Lawyers: राहुल गांधी की बैठक के बाद कांग्रेस का नया दांव, सिंघवी संभालेंगे कमान, जानिए पूरा प्लान
Gen Z Lawyers: Congress's new move following Rahul Gandhi's meeting; Singhvi to take charge—here's the full plan.
कांग्रेस अब युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक और नई रणनीति पर काम करती नजर आ रही है। छात्रों और युवा वर्ग के बाद पार्टी की नजर अब युवा वकीलों पर है। खासतौर पर Gen Z Lawyers को कांग्रेस के साथ जोड़ने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस योजना की कमान पार्टी के लीगल विभाग के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी को दी गई है। इस पहल को लेकर सिंघवी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात भी की। बताया जा रहा है कि बैठक में युवा वकीलों को पार्टी के सांसदों के साथ जोड़ने और उन्हें कानूनी काम का अनुभव देने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
Gen Z Lawyers को जोड़ने की क्यों बनी रणनीति?
कांग्रेस पिछले कुछ समय से युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। राहुल गांधी बेरोजगारी, शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। अब पार्टी इसी रणनीति को कानून के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाना चाहती है।
Gen Z Lawyers के लिए तैयार किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट का मकसद सीधे तौर पर उन्हें पार्टी का सदस्य बनाना नहीं है। शुरुआती स्तर पर युवा वकीलों को कांग्रेस सांसदों के साथ काम करने का अवसर दिया जाएगा। इससे उन्हें संसदीय कामकाज और कानूनी प्रक्रियाओं को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
10 युवा वकीलों से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की लीगल सेल ने फिलहाल 10 युवा वकीलों का चयन किया है। इन सभी को इंटर्नशिप के लिए चुना गया है। योजना के तहत ये युवा वकील पार्टी के 10 सांसदों के साथ काम करेंगे।
इनकी भूमिका केवल इंटर्नशिप तक सीमित नहीं रहने वाली है। बताया जा रहा है कि ये युवा सांसदों को कानूनी मामलों में मदद करेंगे और जरूरी कानूनी रिसर्च में भी सहयोग करेंगे। हालांकि, फिलहाल ये सभी कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं।
पार्टी की योजना यह है कि अगर आगे चलकर इन युवा वकीलों की विचारधारा और कांग्रेस की नीतियों के बीच सहमति बनती है, तो उन्हें संगठन से जोड़ा जा सकता है। सफल रहने पर इस मॉडल को दूसरे कांग्रेस सांसदों तक भी विस्तार देने की तैयारी है।
राहुल गांधी से लंबी चली अहम बैठक
इस पहल को लेकर अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक सिंघवी ने शुरुआत में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए राहुल गांधी से करीब 15 से 20 मिनट का समय मांगा था।
हालांकि बातचीत शुरू होने के बाद चर्चा लंबी होती चली गई। बताया गया कि बैठक करीब सवा घंटे तक चली। इसमें युवा वकीलों की भूमिका, कांग्रेस के लीगल नेटवर्क और भविष्य में इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर लागू करने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
Gen Z Lawyers से राहुल गांधी ने क्या कहा?
युवा वकीलों के साथ बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अलग-अलग विचारों और आलोचना को भी जगह दी जाती है। उनके मुताबिक किसी संगठन के भीतर सवाल पूछने और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता जरूरी है।
राहुल गांधी ने हिंदुइज्म का भी संदर्भ दिया और कहा कि इसमें भी अलग-अलग विचारों के लिए जगह होने की बात सामने आती है। इस दौरान उन्होंने अपनी विचारधारा और राजनीति को लेकर भी युवाओं के सामने अपना नजरिया रखा।
गरीब और वंचितों के लिए काम करने की अपील
राहुल गांधी ने युवा वकीलों से राजनीति को केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीति का केंद्र ऐसे मुद्दे होने चाहिए, जिनसे गरीब, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और दूसरे पीड़ित लोगों को मदद मिल सके।
उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि अगर वे भविष्य में राजनीति में आना चाहते हैं तो उन्हें अभी से समाज के लिए काम करने की दिशा में सोचना चाहिए। साथ ही उन्होंने तत्काल किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने के बजाय अपने काम और सामाजिक जिम्मेदारी पर ध्यान देने की बात कही।
वकालत का कुछ समय जरूरतमंदों को देने की अपील
राहुल गांधी ने युवा वकीलों से अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वकालत करने वाले युवाओं को अपने समय का एक हिस्सा उन लोगों के लिए देना चाहिए, जिन्हें कानूनी मदद की जरूरत है लेकिन वे इसे आसानी से हासिल नहीं कर सकते।
Gen Z Lawyers के लिए यह संदेश इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस का फोकस केवल संगठन विस्तार पर नहीं, बल्कि युवा कानूनी पेशेवरों को सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों से जोड़ने पर भी दिखाई दे रहा है।
सिंघवी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस बैठक को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार एवं RTI विभाग से जुड़े लोगों के साथ लीगल फेलो की बातचीत हुई।
सिंघवी के मुताबिक युवा वकीलों ने बातचीत के दौरान कई सवाल उठाए। उन्होंने इसे संविधान के प्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़ी चर्चा बताया। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस इस पहल को केवल इंटर्नशिप कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि भविष्य के कानूनी और राजनीतिक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में भी देख रही है।
आगे सभी सांसदों तक पहुंच सकता है मॉडल
फिलहाल Gen Z Lawyers को लेकर शुरू किया गया यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में है। 10 युवा वकीलों और 10 सांसदों के साथ इसकी शुरुआत की गई है। इसके अनुभव और नतीजों के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो कांग्रेस के सभी सांसदों के साथ ऐसे युवा कानूनी फेलो को जोड़ने की व्यवस्था बनाई जा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में यह पहल पार्टी के लीगल नेटवर्क और युवा संपर्क अभियान का अहम हिस्सा बन सकती है।



