ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023, एमओयू की ग्राउंडिंग पर फोकस, सीएम धामी ने की हाई-लेवल समीक्षा बैठक
Global Investor Summit 2023, Focus on grounding of MoUs, CM Dhami holds high-level review meeting.
उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 के दौरान हुए ऐतिहासिक निवेश समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिट के दौरान साइन हुए एमओयू (MoU) और उनकी ग्राउंडिंग यानी क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और निवेश परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, सामने आ रही बाधाओं और आगे की रणनीति पर गहन मंथन किया गया।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में हुआ था रिकॉर्ड निवेश
गौरतलब है कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 8 और 9 दिसंबर 2023 को दो दिवसीय उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया था। इस समिट के दौरान राज्य सरकार ने निवेशकों के साथ करीब 3.57 लाख करोड़ रुपये के कुल 1,779 एमओयू साइन किए थे। यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव माना गया, जिसने उत्तराखंड के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने की उम्मीद जगाई।
अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत किए गए एमओयू में से अब तक 1 लाख 6 हजार 953 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग हो चुकी है। यानी कई निवेश प्रस्ताव अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का स्पष्ट संकेत है।
सीएम बोले, निवेशकों का भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एमओयू की सफल ग्राउंडिंग इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटल प्रक्रियाओं और पारदर्शी नीतियों पर लगातार काम किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है। सीएम ने यह भी कहा कि इस सफलता को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं, जिनका राज्यहित में पूरा उपयोग किया जाना चाहिए।
अवरोधों को तुरंत दूर करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एमओयू और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में जहां भी कोई अवरोध आ रहा है, उसका तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की नियमित मॉनिटरिंग करेगा और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट देगा।
नीतियों में संशोधन और सरलीकरण पर जोर
सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी परियोजना के क्रियान्वयन में नीति संबंधी अड़चन आ रही है, तो उसमें संशोधन, सरलीकरण या शिथिलीकरण के प्रस्ताव जल्द तैयार किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि निवेशकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निवेशकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी जाए।
स्पष्ट टाइमलाइन और तेज निर्णय प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और उसी के अनुसार काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्णय प्रक्रिया को तेज किया जाए। सीएम ने कुछ विभागों द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की सराहना भी की और अन्य विभागों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।
पर्यटन क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं
बैठक में मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पिथौरागढ़, कैंची धाम और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निवेशकों को इन क्षेत्रों में आकर्षित करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।
स्पेशल टूरिस्ट जोन पर काम जारी
पर्यटन विभाग की ओर से बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में स्पेशल टूरिस्ट जोन विकसित करने के लिए एरिया-बेस्ड फोकस पॉलिसी तैयार की जा रही है। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुसार निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
निवेश से रोजगार और विकास को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हुए निवेश राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ एमओयू साइन करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है। इसके लिए शासन-प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
राज्य के भविष्य की मजबूत नींव
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को एक मजबूत औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निवेश परियोजनाओं को सफल बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उत्तराखंड को निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 के बाद एमओयू की ग्राउंडिंग पर सरकार की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि उत्तराखंड अब सिर्फ वादों तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस क्रियान्वयन की राह पर आगे बढ़ रहा है।


