LPG Cylinder Hoarding: उत्तराखंड में LPG Cylinder Hoarding से बढ़ी चिंता, हर दिन 12 हजार अतिरिक्त बुकिंग से सप्लाई पर दबाव
LPG Cylinder Hoarding: Rising Concerns in Uttarakhand Due to LPG Cylinder Hoarding; 12,000 Additional Bookings Daily Put Pressure on Supply.
उत्तराखंड में रसोई गैस को लेकर अचानक बढ़ी बुकिंग ने प्रशासन और तेल कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में सामान्य दिनों की तुलना में प्रतिदिन लगभग 12 हजार अतिरिक्त सिलेंडर बुक किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह वास्तविक कमी नहीं, बल्कि LPG Cylinder Hoarding यानी जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर घरों में जमा करने की प्रवृत्ति का परिणाम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बचत करने की अपील कर रहे हैं। इसके बावजूद उत्तराखंड में कई उपभोक्ता एहतियात के नाम पर अतिरिक्त सिलेंडर बुक करा रहे हैं। इससे गैस वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है और उन परिवारों को परेशानी हो सकती है जिन्हें वास्तव में तत्काल गैस की आवश्यकता है।
सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक हो रही बुकिंग
प्रदेश में आमतौर पर प्रतिदिन लगभग 60 हजार एलपीजी सिलेंडरों की खपत होती है। लेकिन पिछले दो दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 72 हजार तक पहुंच गई। यानी रोजाना 12 हजार अतिरिक्त सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की जा रही है।
तेल कंपनियों के अनुसार यह वृद्धि किसी आपूर्ति संकट का संकेत नहीं है। बल्कि LPG Cylinder Hoarding के कारण उपभोक्ता आवश्यकता से पहले सिलेंडर मंगवा रहे हैं। इस तरह की बुकिंग से वितरण तंत्र पर दबाव पड़ता है और डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित हो सकता है।
अधिकारियों ने कहा- पर्याप्त है एलपीजी का भंडार
आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पी.एस. पांगती ने स्पष्ट किया है कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के चलते बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड को अतिरिक्त आपूर्ति भी मिल रही है। ऐसे में नागरिकों को घबराने या LPG Cylinder Hoarding करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती है मांग
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान होटल, धर्मशालाएं, ढाबे और स्थानीय व्यवसायों में गैस की मांग बढ़ जाती है। इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण रसोई गैस की खपत सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
हालांकि तेल कंपनियों ने पहले से पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था कर रखी है। इसके बावजूद यदि उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेंडर बुक करते हैं, तो LPG Cylinder Hoarding की वजह से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में डिलीवरी प्रभावित हो सकती है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
राज्य सरकार और तेल कंपनियां गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निरीक्षण कर रही हैं। कई स्थानों पर छापेमारी की गई है और अनियमितता पाए जाने पर मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।
डिलीवरी प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए DAC (Delivery Authentication Code) व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रणाली में उपभोक्ता को ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद ही सिलेंडर प्राप्त होता है। इससे LPG Cylinder Hoarding और गैस के अवैध डायवर्जन पर नियंत्रण करने में मदद मिल रही है।
डिजिटल बुकिंग को दिया जा रहा बढ़ावा
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक के.के. गुप्ता ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल आवश्यकता के अनुसार गैस बुक करें और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि मोबाइल ऐप, वेबसाइट और एसएमएस के जरिए बुकिंग करने से भीड़ कम होती है और वितरण प्रक्रिया सुचारु रहती है। यदि उपभोक्ता जिम्मेदारी दिखाएं तो LPG Cylinder Hoarding जैसी स्थिति से आसानी से बचा जा सकता है।
जरूरत से अधिक बुकिंग से किसे होती है परेशानी?
विशेषज्ञों के अनुसार जब बड़ी संख्या में लोग अतिरिक्त सिलेंडर बुक करते हैं, तो डिलीवरी एजेंसियों पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। इसका असर विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर पड़ता है जहां सड़क संपर्क सीमित है और आपूर्ति पहले से चुनौतीपूर्ण रहती है।
पर्वतीय जिलों में रहने वाले परिवारों को समय पर सिलेंडर न मिलने पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए LPG Cylinder Hoarding केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि सामूहिक आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित करने वाला व्यवहार है।
ऐसे करें गैस की बचत
रसोई गैस की खपत कम करने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- खाना बनाने से पहले सभी सामग्री तैयार रखें।
- दाल, चावल और राजमा के लिए प्रेशर कुकर का उपयोग करें।
- बर्तनों को ढककर पकाएं।
- जरूरत के अनुसार ही आंच रखें।
- बर्नर की नियमित सफाई करें।
- एक बार में पर्याप्त पानी या चाय गर्म करें।
- अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने से बचें।
इन उपायों से न केवल गैस की बचत होगी, बल्कि LPG Cylinder Hoarding जैसी स्थिति को भी रोका जा सकेगा।
संयम और जागरूकता ही समाधान
उत्तराखंड में फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकारी अधिकारियों और तेल कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य है। ऐसे में घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है।
यदि उपभोक्ता जिम्मेदारी से व्यवहार करें और केवल जरूरत के अनुसार सिलेंडर बुक करें, तो वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी। LPG Cylinder Hoarding से बचकर ही हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर परिवार तक समय पर रसोई गैस पहुंचे और अनावश्यक दबाव से आपूर्ति तंत्र प्रभावित न हो।

