उत्तराखंड

Haridwar Land Fraud: फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश, Haridwar Land Fraud में 10 लोगों पर मुकदमा

Haridwar Land Fraud: Conspiracy to Usurp Land Worth Crores Using Forged Documents; 10 People Booked in Haridwar Land Fraud Case.

हरिद्वार जिले के लक्सर तहसील क्षेत्र में जमीन से जुड़ा एक गंभीर Haridwar Land Fraud मामला सामने आया है। हरियाणा निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी पुश्तैनी भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने की साजिश रची गई। जब उसने इस मामले को अदालत में चुनौती दी, तो आरोपियों ने उसका पीछा कर उसे गांव छोड़ने और जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले ने एक बार फिर उत्तराखंड में भूमि संबंधी फर्जीवाड़े और दस्तावेजी धोखाधड़ी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

1984 में हरियाणा चला गया था परिवार

शिकायतकर्ता अली मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि उसका परिवार वर्ष 1984 में हरिद्वार के ग्राम ऐथल से हरियाणा के मेवात क्षेत्र में जाकर बस गया था। वर्षों तक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन से दूर रहा, लेकिन स्वामित्व का अधिकार बना रहा।

30 मार्च 2026 को उन्हें जानकारी मिली कि उनकी जमीन को कुछ लोग बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वे लक्सर तहसील पहुंचे और रिकॉर्ड की जांच कराई।

तहसील में मिला फर्जी इकरारनामा

तहसील से प्राप्त दस्तावेजों में अली मोहम्मद के नाम से एक रजिस्टर्ड इकरारनामा मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति ने उनका नाम इस्तेमाल कर नकली आधार कार्ड तैयार कराया और उसी के आधार पर दस्तावेज तैयार किए गए।

इकरारनामा 17 मार्च 2026 का बताया गया है। इसमें ऐथल गांव के एक व्यक्ति को गवाह के रूप में दर्शाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने न तो कोई दस्तावेज तैयार कराया और न ही किसी को भूमि बेचने की अनुमति दी।

कोर्ट पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद

मामले की जानकारी मिलने के बाद अली मोहम्मद ने न्यायालय का सहारा लिया। उनका आरोप है कि कोर्ट में मामला दायर करते ही संबंधित लोगों ने उन्हें रास्ते में रोकना शुरू कर दिया।

शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने कहा कि यदि उन्होंने मुकदमा वापस नहीं लिया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस धमकी ने Haridwar Land Fraud मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।

पहले भी जेल जा चुके हैं कुछ आरोपी

अली मोहम्मद ने यह भी दावा किया है कि इस प्रकरण में शामिल कुछ लोग पूर्व में भी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में जेल जा चुके हैं। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह मामला संगठित भूमि फर्जीवाड़े का रूप ले सकता है।

पुलिस अब आरोपियों की पृष्ठभूमि, दस्तावेजों की वैधता और रजिस्ट्री प्रक्रिया की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

लक्सर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी आधार कार्ड कैसे तैयार हुआ, दस्तावेज किसने बनवाए और किन लोगों ने इसमें भूमिका निभाई। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में बढ़ रहे Land Fraud के मामले

उत्तराखंड में जमीनों की कीमत लगातार बढ़ने के साथ Haridwar Land Fraud जैसे मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। विशेषकर ग्रामीण और पुश्तैनी संपत्तियां ऐसे गिरोहों के निशाने पर रहती हैं, जहां मालिक वर्षों से बाहर रह रहे होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से राजस्व अभिलेखों की जांच और संपत्ति दस्तावेजों का सत्यापन ऐसे मामलों से बचने के लिए आवश्यक है।

बंद घर में चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

इसी बीच लक्सर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर में बंद घर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग दो लाख रुपये नकद और चोरी का सामान बरामद हुआ है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में हालिया चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

Haridwar Land Fraud ने बढ़ाई चिंता

लक्सर में सामने आया यह Haridwar Land Fraud मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो वर्षों से अपनी पैतृक संपत्तियों से दूर रह रहे हैं। दस्तावेजों की नियमित जांच और समय-समय पर राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन बेहद जरूरी हो गया है।

अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला प्रदेश में जमीन धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई साबित हो सकता है।

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