उत्तराखंड के 37 बॉर्डरों पर लगेगा ग्रीन सेस, चारधाम यात्रा से पहले 150 ANPR कैमरे होंगे पूरी तरह एक्टिव
A green cess will be levied at 37 borders of Uttarakhand, and 150 ANPR cameras will be fully operational before the Char Dham Yatra.
देहरादून: उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस की वसूली ई-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए की जा रही है। फिलहाल यह व्यवस्था हरिद्वार जिले के गुरुकुल नारसन बॉर्डर पर लागू है, लेकिन जल्द ही इसे पूरे प्रदेश के 37 बॉर्डरों तक विस्तार देने की तैयारी है।
गुरुकुल नारसन बॉर्डर से हुई सफल शुरुआत
परिवहन विभाग के मुताबिक गुरुकुल नारसन बॉर्डर से रोजाना करीब एक हजार बाहरी वाहन उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे हैं। इन सभी वाहनों से ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से राजस्व बढ़ने के साथ-साथ वाहनों की निगरानी भी पहले से अधिक प्रभावी हुई है।
पहले चरण में 14 बॉर्डरों पर लागू होगी व्यवस्था
सिस्टम के ट्रायल सफल रहने के बाद विभाग ने इसे और विस्तार देने का निर्णय लिया है। अगले चरण में प्रदेश के 14 प्रमुख बॉर्डरों पर ग्रीन सेस वसूली शुरू की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी 37 बॉर्डर एरिया को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
150 ANPR कैमरों से होगी डिजिटल निगरानी
परिवहन विभाग ने जानकारी दी है कि बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए गए 150 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों को चारधाम यात्रा से पहले पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा। इन कैमरों के जरिए वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होते ही ग्रीन सॉफ्टवेयर से डेटा जुड़ जाएगा और फास्टैग के माध्यम से ग्रीन सेस स्वतः कट जाएगा।
14 जनवरी से शुरू हुई थी ग्रीन सेस वसूली
बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया 14 जनवरी से शुरू की गई थी। शुरुआती दिनों में तकनीकी समस्याएं सामने आईं, लेकिन अब सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा है। विभाग का दावा है कि अधिकतर तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है।
चारधाम यात्रा से पहले पूरी तैयारी
परिवहन विभाग का लक्ष्य अप्रैल में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले सभी बॉर्डरों पर यह व्यवस्था लागू करना है। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु और वाहन उत्तराखंड आते हैं, ऐसे में यह सिस्टम ट्रैफिक कंट्रोल और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल
ग्रीन सेस से मिलने वाली राशि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सड़क बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में किया जाएगा। सरकार इसे सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता
परिवहन विभाग के अनुसार इस प्रणाली के लागू होने से राज्य में प्रवेश करने वाले सभी बाहरी वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे भविष्य में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और नीति निर्माण में भी मदद मिलेगी।

