Kawardha Irrigation Project : कवर्धा के किसानों की बल्ले-बल्ले, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दी 8.10 करोड़ की नहर परियोजना की सौगात, 1540 एकड़ में पहुंचेगा पानी
Kawardha Irrigation Project: Kawardha farmers are in for a treat as Deputy CM Vijay Sharma has unveiled a canal project worth ₹8.10 crore, bringing water to 1,540 acres.
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक के बाद एक बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अपने गृह जिले के बोड़ला क्षेत्र को विकास की एक नई धारा से जोड़ा है। उपमुख्यमंत्री ने ग्राम सारंगपुर में 8.10 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘राम्हेपुर वितरक नहर’ और उससे जुड़ी लघु नहरों (माइनर) की सी.सी. लाइनिंग परियोजना का भव्य भूमि पूजन किया। इस योजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र के हजारों किसानों के खेतों तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
सिंचाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
राम्हेपुर नहर परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह बोड़ला क्षेत्र के किसानों की आर्थिक तकदीर बदलने वाला कदम है। वर्तमान में इस नहर प्रणाली से लगभग 1045 एकड़ क्षेत्र में ही सिंचाई हो पाती थी, क्योंकि कच्ची नहरों के कारण पानी का रिसाव अधिक होता था और अंतिम छोर (Tail) तक पानी नहीं पहुँच पाता था।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद:
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कुल सिंचाई क्षमता: अब 1540 एकड़ क्षेत्र को भरपूर पानी मिलेगा।
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अतिरिक्त लाभ: लगभग 495 एकड़ की नई और प्यासी जमीन भी अब सिंचाई नेटवर्क से जुड़ जाएगी।
इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि किसानों की वार्षिक आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
13.65 किलोमीटर लंबी नहरों का होगा कायाकल्प
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस परियोजना के तहत कुल 13.65 किलोमीटर लंबी नहरों का सुधार और सी.सी. लाइनिंग किया जाएगा।
परियोजना का विवरण इस प्रकार है:
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राम्हेपुर वितरक नहर: 4650 मीटर की लाइनिंग।
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सिल्हाटी माइनर-1 एवं 2: कुल 2910 मीटर का निर्माण।
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बघरा माइनर: 780 मीटर लंबी पक्की नहर।
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राम्हेपुर टेल माइनर (दांयी और बांयी): 5310 मीटर का विस्तृत सुधार कार्य।
सी.सी. लाइनिंग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे जल रिसाव (Seepage) पूरी तरह रुक जाता है, जिससे जल संरक्षण होता है और पानी की गति तीव्र बनी रहती है।
इन 6 गांवों के किसानों के लिए वरदान
इस योजना का सीधा लाभ बोड़ला विकासखंड के 6 प्रमुख गांवों को मिलेगा। इनमें मानिकपुर, सिल्हाटी, बघरा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी और राम्हेपुर कला शामिल हैं। अब इन गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए केवल मानसून या महंगे वैकल्पिक साधनों (जैसे निजी बोरवेल) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सरकारी नहरों की मजबूती उन्हें साल भर खेती करने का भरोसा देगी।
गांव, गरीब और किसान हमारी प्राथमिकता
भूमि पूजन के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ‘अंत्योदय’ के मंत्र पर चल रही है। हमारा लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। नहरों की लाइनिंग से पानी की एक-एक बूंद बचेगी और हमारे किसान भाई गर्व के साथ खेती कर सकेंगे।”
विकास की अन्य कड़ियां
सिंचाई परियोजना के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री ने गांव के सर्वांगीण विकास के लिए कई अन्य घोषणाएं और उपलब्धियां भी गिनाईं:
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बुनियादी ढांचा: गांव में नई सीसी रोड और एक भव्य डोम (सामुदायिक भवन) के निर्माण की घोषणा की गई।
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महिला सशक्तिकरण: महतारी वंदन योजना के तहत अब तक पात्र महिलाओं के खाते में 25 हजार रुपये की कुल राशि (किस्तवार) जमा की जा चुकी है।
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आवास और स्वामित्व: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवासों की स्वीकृति और स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार पत्र (Property Card) देने का काम तेज कर दिया गया है।
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डिजिटल सेवा: गांव में स्थापित डिजिटल सुविधा केंद्र अब बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बैंकिंग व सरकारी सेवाओं का सुलभ केंद्र बन गया है।
परियोजना का सारांश (तालिका):
| विवरण | सांख्यिकी/जानकारी |
| कुल लागत | ₹8.10 करोड़ |
| कुल लंबाई | 13.65 किलोमीटर |
| पुरानी सिंचाई क्षमता | 1045 एकड़ |
| नई सिंचाई क्षमता | 1540 एकड़ |
| लाभान्वित गांव | 06 (बोड़ला क्षेत्र) |
| मुख्य उद्देश्य | जल संरक्षण एवं टेल तक पानी पहुँचाना |


