Police Custody Death: रायपुर थाने की हवालात में कंबल का फंदा लगाकर युवक ने दी जान, पेट्रोल पंप पर विवाद के बाद पुलिस ने किया था गिरफ्तार
Police Custody Death: A young man committed suicide by hanging himself with a blanket in the lockup of Raipur police station, after being arrested by the police following a dispute at a petrol pump.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ रायपुर थाने की हवालात में एक व्यक्ति द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (PRD) विभाग में प्रधान सहायक के पद पर तैनात सुनील रतूड़ी (45) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही और सूचना छिपाने के आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आखिर क्या था पूरा विवाद?
घटना की शुरुआत शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे सर्वे चौक स्थित एक पेट्रोल पंप से हुई। जानकारी के अनुसार, सुनील रतूड़ी अपनी कार में तेल भरवाने गए थे, जहाँ पैसों के लेनदेन को लेकर उनका पंप कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया। देखते ही देखते नोकझोंक बढ़ गई और मौके पर पुलिस को बुला लिया गया।
पुलिस का दावा है कि जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो एल्कोमीटर टेस्ट में सुनील के नशे में होने की पुष्टि हुई। हंगामे को देखते हुए पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर रायपुर थाने ले आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाने पहुंचने के बाद भी सुनील का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे लगातार हंगामा कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें हवालात (Lock-up) में बंद कर दिया गया।
हवालात में ‘कंबल’ बना मौत का फंदा
हवालात में बंद किए जाने के कुछ ही घंटों बाद एक खौफनाक मंजर सामने आया। शाम करीब साढ़े पांच बजे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को हवालात के भीतर से कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। जब वे दौड़कर वहां पहुंचे, तो देखा कि सुनील ने हवालात के लोहे के गेट में कंबल का फंदा फंसाकर आत्महत्या कर ली थी।
आनन-फानन में उन्हें फंदे से उतारकर कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, विभाग के उच्च अधिकारी आईजी राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल मौके पर पहुंच गए।
परिजनों का आक्रोश और पुलिस पर आरोप
सुनील की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें समय पर गिरफ्तारी या सुनील की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति हवालात के भीतर आत्महत्या कैसे कर सकता है जबकि वहां लगातार निगरानी (CCTV और संतरी ड्यूटी) का प्रावधान होता है। परिजनों ने इसे पुलिस की घोर लापरवाही करार देते हुए इंसाफ की मांग की है।
एसएसपी का कड़ा एक्शन
हिरासत में हुई इस मौत (Custodial Death) ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एसओ गिरीश नेगी, महिला सब-इंस्पेक्टर रजनी चमोली, हेड कांस्टेबल सतीश (निगरानी ड्यूटी) और कांस्टेबल ज्योति रावत को लाइन हाजिर (निलंबित) कर दिया है।
एसएसपी ने मीडिया को बताया, ‘यह मामला अत्यंत गंभीर है। हवालात की सुरक्षा में चूक कैसे हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जांच के साथ-साथ मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।’
प्रशासनिक और कानूनी पेच
किसी भी व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में मौत होने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सख्त दिशा-निर्देश होते हैं। नियमानुसार, ऐसी घटनाओं की वीडियोग्राफी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाना अनिवार्य है। देहरादून पुलिस अब इन सभी प्रक्रियाओं का पालन कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का पता लगाया जा सके।
घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण (तालिका):
| समय | घटनाक्रम |
| दोपहर 02:30 | पेट्रोल पंप पर विवाद और पुलिस द्वारा हिरासत। |
| शाम 04:00 | रायपुर थाने की हवालात में बंद किया गया। |
| शाम 05:30 | कंबल से फंदा लगाकर आत्महत्या की घटना। |
| रात 08:00 | एसएसपी द्वारा एसओ समेत 4 कर्मियों पर कार्रवाई। |
| वर्तमान स्थिति | मजिस्ट्रियल जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया जारी। |



