FASTag Annual Pass हुआ महंगा, 1 अप्रैल 2026 से बढ़ेगी कीमत, निजी वाहन चालकों को देना होगा ज्यादा शुल्क
FASTag Annual Pass becomes expensive, price hiked from April 1, 2026; private vehicle drivers will have to pay higher fees
देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। National Highways Authority of India (NHAI) ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए FASTag Annual Pass की कीमत में संशोधन करने की घोषणा की है। नए नियमों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए वार्षिक पास की कीमत बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी जाएगी, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत 3000 रुपये है।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन पर लागू होगी। NHAI के अनुसार यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क से संबंधित नियमों के तहत किया गया है और इसका उद्देश्य टोल संग्रह व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना है।
टोल नियमों के तहत किया गया संशोधन
प्राधिकरण ने बताया कि शुल्क में यह बदलाव National Highways Fee (Determination and Collection) Rules, 2008 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। इस नियम के तहत समय-समय पर टोल दरों की समीक्षा और संशोधन किया जाता है।
देश में निजी वाहन मालिकों के बीच FASTag Annual Pass की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। मौजूदा समय में लाखों लोग इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बार-बार टोल भुगतान और रिचार्ज की परेशानी कम हो गई है।
1,150 टोल प्लाजा पर मिलेगा लाभ
नए संशोधित शुल्क के साथ यह वार्षिक पास राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर मान्य रहेगा। वैध FASTag से जुड़े गैर-व्यावसायिक वाहन इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
इस पास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वाहन मालिक को हर बार टोल भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती। एक बार वार्षिक शुल्क देने के बाद यह पास एक वर्ष तक या अधिकतम 200 टोल प्लाजा पार करने तक मान्य रहता है।
दो घंटे में सक्रिय हो जाता है पास
वाहन मालिक Rajmarg Yatra ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से वार्षिक पास के लिए भुगतान कर सकते हैं। एकमुश्त शुल्क जमा करने के बाद संबंधित वाहन के FASTag पर यह सुविधा लगभग दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाती है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल भुगतान आधारित यह प्रणाली न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक है बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाले समय को भी काफी कम करती है।
लॉन्च के बाद तेजी से बढ़ी लोकप्रियता
गौरतलब है कि FASTag Annual Pass को 15 अगस्त 2025 को लॉन्च किया गया था। लॉन्च के बाद से ही इसे उपयोगकर्ताओं से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रही है जो अक्सर राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करते हैं।
लाखों लोग कर रहे हैं उपयोग
Ministry of Road Transport and Highways के अनुसार देश में 50 लाख से अधिक लोग FASTag वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले कुल कार टोल लेन-देन में लगभग 28 प्रतिशत हिस्सेदारी अब इसी पास के माध्यम से होती है।
इसके अलावा 2016 से अब तक देश में लगभग 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 5.9 करोड़ सक्रिय हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 98 प्रतिशत से अधिक टोल संग्रह FASTag के जरिए ही किया जा रहा है, जिससे टोल प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और तेज हो गई है।



