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Alakh Pandey Forbes Billionaires List: एडटेक की दुनिया में अलख पांडे का जलवा, फोर्ब्स की अरबपतियों की लिस्ट में हुए शामिल, कॉलेज ड्रॉपआउट ने ऐसे रचा इतिहास

Alakh Pandey's rise in the edtech world, joining the Forbes list of billionaires, is how this college dropout made history.

भारतीय एडटेक (EdTech) सेक्टर में जहाँ दिग्गज कंपनियाँ संघर्ष कर रही हैं, वहीं ‘फिजिक्सवाला’ (PhysicsWallah) के संस्थापक अलख पांडे ने एक अभूतपूर्व मुकाम हासिल कर लिया है। दुनिया की प्रतिष्ठित मैगजीन फोर्ब्स (Forbes) ने अलख पांडे को अपनी ‘वर्ल्ड बिलेनियर लिस्ट 2026’ में शामिल किया है। एक छोटे से यूट्यूब चैनल से सफर शुरू करने वाले अलख पांडे आज भारत के उन चुनिंदा युवाओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 40 साल से कम उम्र में अरबपतियों की सूची में जगह बनाई है।

IPO की सफलता और 8,300 करोड़ की नेटवर्थ

फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार, 10 मार्च 2026 तक अलख पांडे की कुल संपत्ति 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) आंकी गई है। वैश्विक स्तर पर अरबपतियों की सूची में वे 3332वें स्थान पर हैं। इस उपलब्धि के पीछे हाल ही में फिजिक्सवाला का सफल IPO (Initial Public Offering) लॉन्च होना बताया जा रहा है, जिसने कंपनी के वैल्यूएशन और अलख पांडे की व्यक्तिगत संपत्ति में जबरदस्त उछाल लाया है। उनके साथ कंपनी के को-फाउंडर प्रतीक माहेश्वरी का नाम भी इस प्रतिष्ठित सूची में शुमार हुआ है।

कॉलेज ड्रॉपआउट से ‘एडटेक किंग’ तक का सफर

अलख पांडे की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। कानपुर के हारकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अलख ने तीसरे साल में ही कॉलेज छोड़ दिया था।

  • 2016 की शुरुआत: नोएडा के एक छोटे से ऑफिस से यूट्यूब चैनल के जरिए पढ़ाना शुरू किया।

  • छात्रों का भरोसा: कठिन फिजिक्स को सरल अंदाज में समझाने की कला ने उन्हें रातों-रात छात्रों के बीच लोकप्रिय बना दिया।

  • यूनिकॉर्न का सफर: आज फिजिक्सवाला में सैकड़ों शिक्षक नीट (NEET), जेईई (JEE) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं।

बायजू के संकट के बीच कैसे पलटी बाजी?

जिस समय बायजू (Byju’s) जैसी बड़ी एडटेक कंपनियाँ भारी घाटे और मार्केटिंग विवादों में घिरी रहीं, अलख पांडे ने Alakh Pandey Forbes Billionaires List तक पहुँचने के लिए एक अलग रास्ता चुना।

  1. किफायती शिक्षा (Affordability): जहाँ अन्य कंपनियाँ लाखों की फीस वसूल रही थीं, फिजिक्सवाला ने बहुत कम फीस में क्वालिटी कंटेंट दिया।

  2. हाइब्रिड मॉडल: ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन सेंटर्स (PW Vidyapeeth) खोलकर छात्रों का सीधा भरोसा जीता।

  3. छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण: भारी विज्ञापन के बजाय अलख पांडे ने छात्रों की जरूरतों और परिणामों (Results) पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे उनकी कंपनी मुनाफे में बनी रही।

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