उत्तराखंड

BC Khanduri Last Rites: आज हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर होगा अंतिम संस्कार, भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ेंगे लोग

BC Khanduri's Last Rites: The funeral will take place today at Khadkhadi Ghat in Haridwar; people are expected to flock to the BJP headquarters to pay their final respects.

उत्तराखंड की राजनीति में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी की मिसाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी को आज अंतिम विदाई दी जाएगी। BC Khanduri Last Rites के तहत उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे पहले देहरादून स्थित भाजपा मुख्यालय में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां हजारों लोग अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।

91 वर्ष की आयु में उनका निधन 19 मई की सुबह देहरादून के मैक्स अस्पताल में हुआ था। पिछले कुछ समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में उनका उपचार जारी था। उनके निधन के साथ ही उत्तराखंड की राजनीति का एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया, जिसने साफ-सुथरे प्रशासन और ईमानदार नेतृत्व की नई परिभाषा दी।

सुबह भाजपा मुख्यालय में होंगे अंतिम दर्शन

BC Khanduri Last Rites के कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह 10:30 बजे उनके पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कई सांसद, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

राजनीतिक मतभेदों से परे, भुवन चंद्र खंडूड़ी को एक ऐसे जननेता के रूप में याद किया जाता है जिनकी छवि निष्पक्ष, ईमानदार और अनुशासित प्रशासक की रही। यही कारण है कि उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिकों के पहुंचने की भी संभावना है।

11 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा

भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शन के बाद सुबह 11 बजे उनकी अंतिम यात्रा देहरादून से हरिद्वार के लिए रवाना होगी। इस दौरान उनके समर्थक, परिजन, पार्टी कार्यकर्ता और हजारों शुभचिंतक यात्रा में शामिल होंगे।

BC Khanduri Last Rites के दौरान मुख्यमंत्री धामी सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पहुंचेंगे, जहां दोपहर 12 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर उत्तराखंड सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस अवधि में राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

अंत्येष्टि के दिन राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। BC Khanduri Last Rites के अवसर पर पूरे प्रदेश में शोक और सम्मान का वातावरण बना हुआ है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu, प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और अन्य राष्ट्रीय नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खंडूड़ी जी ने सेना, राजनीति और सार्वजनिक जीवन में अतुलनीय योगदान दिया। उत्तराखंड के विकास और देश की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी।

सेना से राजनीति तक प्रेरणादायी सफर

भुवन चंद्र खंडूड़ी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को हुआ था। भारतीय सेना में लंबी सेवा के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और शीघ्र ही अपनी कार्यशैली और ईमानदार छवि से अलग पहचान बनाई।

वे कई बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और प्रशासन में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

BC Khanduri Last Rites के साथ आज उत्तराखंड एक ऐसे नेता को विदाई दे रहा है, जिनकी पहचान जनसेवा और स्वच्छ राजनीति के पर्याय के रूप में रही।

आम जनता के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे खंडूड़ी

भुवन चंद्र खंडूड़ी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक थे। पहाड़ से लेकर मैदान तक लोग उन्हें उनके सरल स्वभाव, स्पष्ट सोच और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण के लिए याद करते हैं। उनकी कार्यशैली ने यह साबित किया कि राजनीति में भी ईमानदारी और सिद्धांतों के साथ काम किया जा सकता है। यही वजह है कि आज BC Khanduri Last Rites केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए भावनात्मक क्षण बन गया है।

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