उत्तराखंड

BC Khanduri Death: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

BC Khanduri Death: Vice President CP Radhakrishnan pays final tributes; last rites performed at Khadkhadi Ghat in Haridwar.

उत्तराखंड की राजनीति में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी की मिसाल माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से पूरा प्रदेश शोक में डूब गया था। BC Khanduri Death की खबर ने न केवल उत्तराखंड बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी भावुक कर दिया। देहरादून में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए नेताओं, अधिकारियों, सैनिकों और आम नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। बाद में हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने देहरादून पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan देहरादून पहुंचे और भुवन चंद्र खंडूड़ी के वसंत विहार स्थित आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी एक असाधारण नेता, अनुशासित सैनिक और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित किया। सड़क अवसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उनका योगदान भारत के विकास इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शन, हरिद्वार के लिए निकली अंतिम यात्रा

BC Khanduri Death के बाद उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय लाया गया, जहां मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसदों, विधायकों और हजारों कार्यकर्ताओं ने अंतिम दर्शन किए।

मुख्यमंत्री धामी ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नम आंखों से विदाई दी और कंधा देकर अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया। इसके बाद अंतिम यात्रा हरिद्वार के खड़खड़ी घाट के लिए रवाना हुई।

तीन दिन का राजकीय शोक, स्कूल और सरकारी कार्यालय रहे बंद

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर उत्तराखंड सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया था। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा।

अंत्येष्टि के दिन प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए। राज्य सरकार ने इसे उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि खंडूड़ी जी ने सेना से लेकर राजनीति तक हर क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास और देशभर में सड़क संपर्क को मजबूत करने में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

सेना से राजनीति तक अनुशासन और ईमानदारी की मिसाल

1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में जन्मे भुवन चंद्र खंडूड़ी ने भारतीय सेना में लगभग 36 वर्षों तक सेवा दी। इंजीनियर्स कोर में रहते हुए उन्होंने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। वर्ष 1982 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वे राजनीति में आए और भाजपा के साथ जुड़कर सार्वजनिक जीवन में नई पहचान बनाई। वे कई बार गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहे।

रोडमैन के नाम से मिली पहचान

BC Khanduri Death के साथ देश ने ऐसे नेता को खो दिया, जिन्हें आम लोग प्यार से “रोडमैन” कहा करते थे। केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को नई गति दी।

पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुधारने के लिए उनके प्रयासों को आज भी विशेष सम्मान के साथ याद किया जाता है। उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों तक सड़क पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उत्तराखंड के सख्त लेकिन लोकप्रिय मुख्यमंत्री

वर्ष 2007 में वे पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। उनकी पहचान एक कड़े, पारदर्शी और ईमानदार प्रशासक की रही। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक अनुशासन ने उन्हें जनता के बीच अलग स्थान दिलाया।

वर्ष 2011 में वे दोबारा मुख्यमंत्री बने। हालांकि राजनीतिक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी और साफ-सुथरी छवि कभी धूमिल नहीं हुई।

परिवार के लिए पिता, प्रदेश के लिए प्रेरणा

उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि भुवन चंद्र खंडूड़ी उनके पिता थे। उन्होंने बताया कि लोग उन्हें सख्त प्रशासक के रूप में जानते थे, लेकिन परिवार के लिए वे बेहद संवेदनशील और कोमल हृदय वाले व्यक्ति थे।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष Ritu Khanduri Bhushan ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति के मूल्य दिए, जो आज भी उनके जीवन का आधार हैं।

उत्तराखंड की राजनीति में एक युग का अंत

BC Khanduri Death केवल एक वरिष्ठ नेता के निधन की खबर नहीं थी, बल्कि उत्तराखंड की स्वच्छ और सिद्धांत आधारित राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन था। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर जब उन्हें अंतिम विदाई दी गई, तब केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की एक जीवंत मिसाल पंचतत्व में विलीन हो गई।

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