Almora District Plan Budget 2025: शिक्षा, पर्यटन और सड़कों पर कटौती, कई विभागों को लगा झटका
Almora District Plan Budget 2025: Cuts in Education, Tourism, and Roads; Several Departments Hit Hard
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के लिए वर्ष 2025-26 का Almora District Plan Budget जारी कर दिया गया है। इस बार जिला योजना का कुल आकार पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा घटाया गया है। आंकड़ों के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष में जहां जिला योजना का बजट 7475.70 लाख रुपये था, वहीं इस वर्ष यह घटकर 7473.70 लाख रुपये रह गया है। भले ही कुल कटौती केवल दो लाख रुपये की हो, लेकिन कई महत्वपूर्ण विभागों के बजट में की गई कमी ने विकास की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बार के Almora District Plan Budget में शिक्षा, पर्यटन, सड़क और सहकारिता जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कम धनराशि दी गई है। दूसरी ओर स्वास्थ्य, खेल, समाज कल्याण और सूचना विभागों के बजट में बढ़ोतरी कर कुछ क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की कोशिश की गई है।
तकनीकी शिक्षा को सबसे बड़ा झटका, पॉलिटेक्निक का बजट हुआ शून्य
इस वर्ष के Almora District Plan Budget की सबसे चर्चित बात तकनीकी शिक्षा से जुड़ी है। पिछले वर्ष पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन इस बार इस मद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
रोजगार आधारित शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण की बढ़ती जरूरत के बीच यह फैसला युवाओं और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच चिंता का विषय बन गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, ऐसे में बजट समाप्त होना कई सवाल खड़े करता है।
पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को भी कम मिला बजट
अल्मोड़ा की अर्थव्यवस्था और रोजगार में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। बावजूद इसके, Almora District Plan Budget में पर्यटन विभाग का बजट 471 लाख रुपये से घटाकर 350 लाख रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग को पिछले वर्ष के 398 लाख रुपये के मुकाबले इस बार केवल 340 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में बजट कटौती को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
लोक निर्माण विभाग और जल संस्थान के बजट में भी कमी
सड़क और बुनियादी ढांचे के लिए जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग को भी इस बार कम बजट मिला है। विभाग का आवंटन 1117 लाख रुपये से घटाकर 1060 लाख रुपये कर दिया गया है।
जल संस्थान के बजट में भी कटौती की गई है। पिछले वर्ष 1316 लाख रुपये मिलने वाले विभाग को इस बार 1230 लाख रुपये ही दिए गए हैं। हालांकि पेयजल निगम को 540 लाख रुपये से बढ़ाकर 580 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे पेयजल परियोजनाओं को कुछ राहत मिल सकती है।
स्वास्थ्य और खेल को मिली प्राथमिकता
जहां कुछ विभागों को कटौती का सामना करना पड़ा, वहीं स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का बजट 270 लाख रुपये से बढ़ाकर 300 लाख रुपये किया गया है। क्रीड़ा विभाग को भी 179 लाख रुपये के स्थान पर 250 लाख रुपये का आवंटन मिला है। इससे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।
कृषि, पशुपालन और दुग्ध विकास में मिला मिश्रित बजट
कृषि विभाग के लिए 320 लाख रुपये और भेषज विभाग के लिए 200 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। पशुपालन विभाग का बजट 386 लाख रुपये से घटाकर 355 लाख रुपये किया गया है।
हालांकि दुग्ध विकास विभाग को राहत मिली है। इसका बजट बढ़ाकर 140 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सहकारिता में बड़ी कटौती, ग्रामीण विकास को बढ़ावा
Almora District Plan Budget में सहकारिता विभाग को बड़ा झटका लगा है। इसका बजट 75 लाख रुपये से घटाकर केवल 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
दूसरी ओर सामुदायिक विकास विभाग का बजट 220 लाख रुपये से बढ़ाकर 235 लाख रुपये किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
समाज कल्याण और सूचना विभाग को मिला अतिरिक्त समर्थन
समाज कल्याण विभाग का बजट 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया है। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को भी 22.50 लाख रुपये के मुकाबले 42.50 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 1737.30 लाख रुपये और अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 22.17 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
विकास की दिशा पर बहस तेज
कुल मिलाकर, Almora District Plan Budget यह संकेत देता है कि सरकार ने स्वास्थ्य, खेल और समाज कल्याण को प्राथमिकता दी है, लेकिन शिक्षा, पर्यटन, तकनीकी प्रशिक्षण और सड़क जैसे क्षेत्रों में कटौती ने कई सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी जिलों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में निवेश अत्यंत आवश्यक है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बजट का जिले के विकास और युवाओं के रोजगार पर क्या प्रभाव पड़ता है।


