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घरेलू कमोडिटी बाजार में उथल-पुथल, चांदी में तेज गिरावट से निवेशक हैरान, सोने में दिखी हल्की मजबूती

Domestic commodity markets remain volatile, with investors surprised by a sharp decline in silver prices, while gold showed slight strength.

नई दिल्ली: घरेलू कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जहां सोने की कीमतों में सीमित बढ़त दर्ज की गई, वहीं चांदी के भाव में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। खासकर सुबह के सत्र में चांदी में आई अचानक कमजोरी ने बाजार की दिशा ही बदल दी।

चांदी में अचानक आई भारी गिरावट

शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे MCX पर चांदी के भाव में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। चांदी लगभग 5,500 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,40,967 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई से तुलना करें तो चांदी अब तक करीब 1.73 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। बीते सप्ताह ही चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई बनाया था, जिसके बाद अब इसमें इस तरह की गिरावट को बड़ा करेक्शन माना जा रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में हाल के दिनों में तेजी बेहद तेज थी और ऐसे में मुनाफावसूली का दबाव बनना स्वाभाविक था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू कीमतों पर असर डाला।

सोने ने दी निवेशकों को राहत

चांदी के मुकाबले सोने ने निवेशकों को कुछ हद तक राहत दी। MCX पर सोना 1,53,054 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,52,260 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि सोना भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपये से अब भी काफी नीचे है, लेकिन लगातार गिरावट के बाद इसमें आई यह मामूली तेजी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

विश्लेषकों के अनुसार, सोने में फिलहाल स्थिरता देखने को मिल सकती है, क्योंकि निवेशक बड़े दांव लगाने से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

वैश्विक हालात का असर

कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर दोबारा बातचीत शुरू होने से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। ओमान में प्रस्तावित वार्ता से यह उम्मीद जगी है कि पश्चिम एशिया में हालात फिलहाल बिगड़ेंगे नहीं। इसी वजह से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की मांग में कमी आई है।

डॉलर की मजबूती ने बढ़ाया दबाव

भू-राजनीतिक तनाव कम होने के साथ ही निवेशकों का रुझान अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ा है। डॉलर के मजबूत होने से आमतौर पर सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनता है। जानकारों का मानना है कि जोखिम घटने की स्थिति में निवेशक सेफ हेवन एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं, जिसका असर सीधे कमोडिटी बाजार पर पड़ता है।

आगे क्या हो सकता है रुख

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है। चांदी में और करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जबकि सोना सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और बाजार की दिशा स्पष्ट होने के बाद ही कोई बड़ा निवेश निर्णय लें।

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