Yamunotri Yatra: यमुनोत्री धाम में फिर गई दो श्रद्धालुओं की जान, Heart Attack Cases बढ़ने से बढ़ी चिंता
Yamunotri Yatra: Two More Devotees Lose Their Lives at Yamunotri Dham; Rising Heart Attack Cases Spark Concern.
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री धाम से लगातार सामने आ रही मौतों की घटनाओं ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को यात्रा मार्ग पर दो और श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। इसके साथ ही इस साल Yamunotri Yatra के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार लगातार सामने आ रहे Heart Attack Cases ने यात्रा की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और मेडिकल जांच के बाद ही यात्रा करने की अपील कर रहा है।
महाराष्ट्र और गुजरात के श्रद्धालुओं की हुई मौत
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र निवासी 62 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल और गुजरात निवासी 68 वर्षीय पटेल नितिन भाई बालू भाई यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचे थे। यात्रा के दौरान अलग-अलग समय पर दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों श्रद्धालुओं को पहले सांस लेने में दिक्कत हुई और फिर अचानक बेचैनी बढ़ने लगी। कुछ ही देर में दोनों अचेत हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य यात्रियों की मदद से उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने Heart Attack की जताई आशंका
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी के चिकित्सक डॉक्टर अखिल राणा ने दोनों श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक लग रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट हो पाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा खतरा रहता है। खासकर Heart Disease, Blood Pressure, Diabetes और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
Yamunotri Yatra में लगातार बढ़ रहे मौत के मामले
इस साल Yamunotri Yatra में लगातार श्रद्धालुओं की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक 10 श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग यात्री शामिल बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चारधाम यात्रा मार्ग पर अचानक मौसम बदलना, लंबी पैदल चढ़ाई, कम ऑक्सीजन और शरीर पर अधिक दबाव कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर देता है। यही वजह है कि हर साल यात्रा शुरू होने से पहले स्वास्थ्य विभाग एडवाइजरी जारी करता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सख्त सलाह
लगातार बढ़ रहे Heart Attack Cases को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थयात्रियों के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा पर आने से पहले सभी श्रद्धालु अपना पूरा मेडिकल चेकअप जरूर कराएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, अस्थमा, मधुमेह या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा नहीं करनी चाहिए। यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए और नियमित दवाइयां साथ रखनी चाहिए।
यात्रा मार्ग पर बढ़ाई गई मेडिकल निगरानी
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में मेडिकल टीमों को तैनात किया है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा रूट पर 1350 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर और मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की समय-समय पर जांच की जा सके। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर श्रद्धालु तुरंत नजदीकी मेडिकल सेंटर से संपर्क करें।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में क्यों बढ़ता है खतरा?
विशेषज्ञ बताते हैं कि यमुनोत्री धाम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों में यह स्थिति Heart Attack का खतरा बढ़ा सकती है। यात्रा के दौरान लगातार पैदल चलना, ठंडा मौसम और थकान भी शरीर को प्रभावित करते हैं। कई श्रद्धालु बिना पर्याप्त आराम किए लंबी दूरी तय करने की कोशिश करते हैं, जिससे स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
उत्तरकाशी प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा को लेकर लापरवाही न बरतें। यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप कराएं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ें। प्रशासन ने कहा कि यात्रा के दौरान पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, समय-समय पर आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। साथ ही शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी आपात स्थिति में यात्री 104 और 108 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने कहा है कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन श्रद्धालुओं को भी अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।


