Yamunotri Gangotri Highway पर बढ़ा खतरा, दरकी सड़क, भूस्खलन से दो धाम यात्रा पर संकट, प्रशासन हाई अलर्ट पर
Increased risk on Yamunotri-Gangotri Highway: Road cracks and landslides threaten the pilgrimage to the two Dhams; administration on high alert.
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों पर साफ दिखाई देने लगा है। Yamunotri Gangotri Highway के कई हिस्से भूस्खलन की चपेट में आने से यात्रियों, स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 50 मीटर हिस्सा धंसने के बाद पूरे इलाके में खतरे की स्थिति बनी हुई है। वहीं यमुनोत्री हाईवे के सिलाई बैंड और स्यानाचट्टी क्षेत्र में भी लगातार हो रहे भूस्खलन ने यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। हालांकि सीमा सड़क संगठन (BRO) ने फिलहाल मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
Yamunotri Gangotri Highway पर भूस्खलन से बढ़ी चिंता
उत्तरकाशी से लगभग 31 किलोमीटर आगे चढ़ेथी के पास पापड़ गाड़ क्षेत्र में भारी बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया। इसके चलते Yamunotri Gangotri Highway का करीब 50 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क के नीचे की जमीन कमजोर पड़ने से चढ़ेथी बाजार और क्यार्क गांव के सामने भी खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन इस बार लगातार बारिश ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और भू-वैज्ञानिकों की मदद से स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है।
Yamunotri Gangotri Highway पर फिलहाल जारी है आवाजाही
कांवड़ यात्रा के चलते इस मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बनी हुई है। इसी को देखते हुए BRO की टीमों ने मलबा हटाकर Yamunotri Gangotri Highway को अस्थायी रूप से यातायात के लिए खोल दिया है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि यह व्यवस्था पूरी तरह मौसम पर निर्भर है।
यदि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहती है तो सड़क को दोबारा बंद करना पड़ सकता है। पुलिस, SDRF और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर तैनात हैं और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से प्रभावित क्षेत्र पार कराया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
स्यानाचट्टी में बढ़ा खतरा, यमुना नदी फिर दिखा रही रौद्र रूप
यमुनोत्री धाम मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव स्यानाचट्टी एक बार फिर खतरे के दायरे में आ गया है। पिछले वर्ष प्रशासन ने यहां यमुना नदी में बनी झील का पानी निकालकर राहत पहुंचाई थी, लेकिन इस बार मानसून के दौरान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।
भारी बारिश के कारण नदी में फिर से गाद और मलबा जमा होने लगा है। जलस्तर पुल की सतह के बेहद करीब पहुंच चुका है, जिससे आसपास के बाजार और आबादी वाले इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। यदि बारिश की तीव्रता इसी तरह बनी रही तो नदी का बहाव और अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।
Yamunotri Gangotri Highway के सिलाई बैंड में लगातार गिर रहा मलबा
यमुनोत्री हाईवे का सिलाई बैंड क्षेत्र पिछले कई दिनों से प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। यहां लगातार भूस्खलन होने से सड़क बार-बार बंद करनी पड़ रही है। BRO की मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर और मिट्टी गिरने के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना पहले से ही कमजोर है और लगातार हो रही वर्षा ने इसे और अधिक अस्थिर बना दिया है। यही वजह है कि प्रशासन यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट लेने की अपील कर रहा है।
चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा पर बढ़ सकता है असर
इस समय चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा दोनों अपने महत्वपूर्ण चरण में हैं। ऐसे में Yamunotri Gangotri Highway पर किसी भी तरह की बाधा हजारों श्रद्धालुओं को प्रभावित कर सकती है।
प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, फिर लौटी उम्मीद
पिछले वर्ष 5 अगस्त को आई भीषण आपदा ने धराली और भागीरथी घाटी में भारी तबाही मचाई थी। कई घर, खेत, दुकानें और बाग पूरी तरह नष्ट हो गए थे। उस समय पूरा इलाका मलबे से भर गया था और सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था।
एक वर्ष के भीतर राज्य सरकार ने पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्यों में तेजी दिखाई है। सड़कें, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं को काफी हद तक बहाल किया गया है। खेतों में फिर से खेती शुरू हो चुकी है और सुरक्षात्मक दीवारों तथा ढलानों को मजबूत करने का कार्य भी जारी है। धराली अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटता दिखाई दे रहा है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव दल तुरंत सक्रिय किए जाएंगे। साथ ही सड़कों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



