उत्तराखंड

Uttarakhand Cyber Fraud Alert: त्योहारों पर ऑनलाइन ऑफर के नाम पर ठगी का खतरा, STF ने दी चेतावनी फर्जी लिंक से बचें, आधिकारिक वेबसाइट से ही करें खरीदारी

Uttarakhand Cyber ​​Fraud Alert: Risk of scams under the guise of online festive offers; STF issues a warning avoid suspicious links and shop only through official websites.

Uttarakhand Cyber ​​Fraud Alert: त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन खरीदारी और आकर्षक डिस्काउंट ऑफर के बीच साइबर ठगी का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लोगों को फर्जी शॉपिंग लिंक, नकली वेबसाइट और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन से सावधान रहने की सलाह दी है। साइबर अपराधी बड़े डिस्काउंट, मुफ्त उपहार और सीमित समय के ऑफर का लालच देकर लोगों की बैंकिंग जानकारी हासिल करने तथा उनके खातों से पैसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन खरीदारी केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय मोबाइल ऐप के माध्यम से करें। सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या एसएमएस पर मिलने वाले अनजान लिंक के जरिए भुगतान करने से बचें।

Uttarakhand Cyber ​​Fraud Alert: Festive Online Shopping के दौरान बढ़ा साइबर फ्रॉड का खतरा

त्योहारों के अवसर पर ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के डिस्काउंट और विशेष बिक्री अभियान चलाती हैं।

इसी अवसर का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोकप्रिय कंपनियों के नाम पर नकली विज्ञापन और वेबसाइट तैयार करते हैं।

इन विज्ञापनों में भारी छूट, मुफ्त डिलीवरी, कैशबैक और विशेष कूपन जैसे ऑफर दिखाए जाते हैं। कई बार ऑफर इतना आकर्षक होता है कि ग्राहक बिना जांच किए लिंक पर क्लिक कर देते हैं।

उत्तराखंड STF पहले भी त्योहारों के दौरान फर्जी शॉपिंग ऑफर और संदिग्ध लिंक से संबंधित चेतावनी जारी कर चुकी है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी ऑफर का आकर्षक होना उसकी प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है। खरीदारी से पहले वेबसाइट और विक्रेता की पहचान की जांच करना जरूरी है।

Fake Shopping Websites से कैसे होती है ठगी?

साइबर अपराधी ऐसी वेबसाइट तैयार कर सकते हैं जो देखने में किसी प्रसिद्ध ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म जैसी लगती हैं।

इन वेबसाइटों पर लोकप्रिय कंपनियों के लोगो, उत्पादों की तस्वीरें और आकर्षक कीमतें दिखाई जाती हैं।

ग्राहक जब खरीदारी करने के लिए भुगतान करता है, तो रकम धोखेबाजों के खाते में जा सकती है। कई मामलों में फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल कार्ड विवरण, पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए भी किया जाता है।

कुछ नकली वेबसाइटों के पते वास्तविक कंपनियों के डोमेन से मिलते-जुलते होते हैं। इनमें अतिरिक्त अक्षर, गलत स्पेलिंग या अलग डोमेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसलिए केवल वेबसाइट का डिजाइन देखकर उसे विश्वसनीय मानना सुरक्षित नहीं है।

WhatsApp और SMS पर मिलने वाले लिंक से रहें सावधान

साइबर ठग ग्राहकों तक पहुंचने के लिए व्हाट्सऐप, एसएमएस, ईमेल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं।

इन संदेशों में दावा किया जा सकता है कि किसी बड़ी कंपनी की ओर से विशेष त्योहार ऑफर दिया जा रहा है।

कई बार संदेश में लिखा होता है कि ऑफर कुछ ही मिनटों के लिए उपलब्ध है और तुरंत भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट मिलेगी।

ऐसे संदेशों का उद्देश्य ग्राहक को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करना हो सकता है।

उत्तराखंड STF की पूर्व चेतावनियों में भी फर्जी गिफ्ट वाउचर, कूपन और डिलीवरी संबंधी संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।

यदि किसी संदेश में दिए गए लिंक पर संदेह हो, तो उसे खोलने के बजाय संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ऑफर की पुष्टि करनी चाहिए।

Uttarakhand Cyber ​​Fraud Alert: Fake APK Files से मोबाइल फोन को भी खतरा

फर्जी वेबसाइटों के अलावा साइबर अपराधी नकली मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी लोगों को निशाना बनाते हैं।

कई बार ग्राहकों को किसी विशेष सेल या कैशबैक का लाभ देने के नाम पर APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।

अनजान स्रोतों से डाउनलोड की गई ऐसी फाइलों में हानिकारक सॉफ्टवेयर हो सकता है।

इससे मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी चोरी होने या डिवाइस की सुरक्षा प्रभावित होने का खतरा रहता है।

इसलिए मोबाइल एप्लीकेशन केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई फाइल को इंस्टॉल करने से बचना जरूरी है।

Official Website या App से ही करें खरीदारी

साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने ऑनलाइन खरीदारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

यदि किसी सोशल मीडिया विज्ञापन में आकर्षक ऑफर दिखाई देता है, तो उस विज्ञापन के लिंक पर सीधे क्लिक करने के बजाय संबंधित कंपनी का आधिकारिक ऐप खोलकर ऑफर की जांच करें।

वेबसाइट के पते की स्पेलिंग, विक्रेता का विवरण, रिटर्न पॉलिसी और ग्राहक सहायता संबंधी जानकारी भी जांचनी चाहिए।

सिर्फ वेबसाइट पर ताले का निशान या HTTPS दिखाई देना उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। धोखेबाज भी सुरक्षित कनेक्शन वाली नकली वेबसाइट बना सकते हैं।

इसलिए खरीदारी से पहले वेबसाइट की वास्तविक पहचान की पुष्टि करना सबसे महत्वपूर्ण है।

OTP और UPI PIN साझा करने से बचें

ऑनलाइन ठगी के कई मामलों में अपराधी ग्राहकों से बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

वे भुगतान की पुष्टि, कैशबैक जारी करने या ऑर्डर रिफंड करने के बहाने OTP, UPI PIN या कार्ड की जानकारी मांग सकते हैं।

लोगों को यह समझना चाहिए कि सामान्य तौर पर अपने खाते में पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं होती।

UPI PIN का इस्तेमाल भुगतान अधिकृत करने के लिए किया जाता है।

इसी तरह किसी अनजान व्यक्ति को OTP, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड का CVV नंबर साझा नहीं करना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर ऐसी जानकारी मांगता है, तो संबंधित कंपनी के आधिकारिक सहायता माध्यम से उसकी पहचान सत्यापित करनी चाहिए।

Uttarakhand Cyber ​​Fraud Alert: Fake Delivery और Refund Scam से भी सावधान

त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। साइबर अपराधी इसी स्थिति का फायदा उठाकर डिलीवरी से जुड़े फर्जी संदेश भेज सकते हैं।

कई बार ग्राहक को बताया जाता है कि उसका पार्सल अटक गया है या पते में गलती होने के कारण डिलीवरी पूरी नहीं हो पा रही है।

इसके बाद मामूली शुल्क जमा करने के नाम पर भुगतान लिंक भेजा जाता है।

इसी तरह ऑर्डर रद्द होने या रिफंड मिलने का झांसा देकर बैंकिंग जानकारी मांगी जा सकती है।

ऐसी स्थिति में ग्राहक को संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के आधिकारिक ऐप में अपने ऑर्डर की स्थिति जांचनी चाहिए।

Cyber Fraud होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो उसे बिना देरी किए शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 उपलब्ध है।

इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

शिकायत करते समय संबंधित लेनदेन का विवरण, भुगतान का समय, बैंक खाते की जानकारी और संदिग्ध संदेश या वेबसाइट के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।

यदि बैंकिंग जानकारी साझा हो गई है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करके कार्ड, यूपीआई या संबंधित डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

समय पर शिकायत करने से धोखाधड़ी वाली रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है, हालांकि धनवापसी की गारंटी नहीं होती।

त्योहारों पर सुरक्षित ऑनलाइन खरीदारी के लिए सतर्कता जरूरी

त्योहारों के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प है, लेकिन आकर्षक ऑफर के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहना आवश्यक है।

उत्तराखंड STF और अन्य साइबर सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का मुख्य उद्देश्य लोगों को फर्जी वेबसाइटों, संदिग्ध लिंक और नकली एप्लीकेशन के जोखिमों के प्रति जागरूक करना है।

किसी भी ऑनलाइन ऑफर का लाभ उठाने से पहले उसकी सत्यता जांचें, गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें और भुगतान केवल विश्वसनीय माध्यम से करें।

थोड़ी सावधानी और समय पर शिकायत साइबर अपराधियों के जाल में फंसने के जोखिम को कम कर सकती है।

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