उत्तराखंड निकाय चुनाव: प्रचार में तेजी, देहरादून मेयर पद के लिए कांटे की टक्कर
Uttarakhand civic elections: Campaigning gathers pace, tough competition for Dehradun mayor post
भाजपा के सौरभ थपलियाल बनाम कांग्रेस के वीरेंद्र पोखरियाल
देहरादून नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। भाजपा ने सौरभ थपलियाल को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने वीरेंद्र पोखरियाल पर भरोसा जताया है।
कैश और संपत्ति में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों का लेखा-जोखा
दोनों प्रत्याशियों के पास करोड़ों की संपत्ति है, लेकिन नकदी में भाजपा के सौरभ थपलियाल कांग्रेस के वीरेंद्र पोखरियाल से आगे हैं।
सौरभ थपलियाल: किसान और करोड़पति
- नकदी: ₹90,000
- बैंक जमा: ₹3 लाख (परिवार सहित)
- सालाना आय: ₹5 लाख (कृषि से)
- पैतृक जमीन: ₹50 लाख
- वाहन: मारुति डिजायर, बाइक, स्कूटी
- सोना: 14 तोला (मूल्य ₹10 लाख)
वीरेंद्र पोखरियाल: करोड़पति कांग्रेस उम्मीदवार
- नकदी: ₹20,000
- बैंक जमा: ₹34 लाख (परिवार सहित)
- शेयर बाजार निवेश: ₹5 लाख+
- सोना: 25 तोला (मूल्य ₹21 लाख)
- अचल संपत्ति: ₹7 करोड़ (आवासीय भवन और कृषि भूमि)
- वाहन: होंडा सिटी, मारुति कार (किस्तों पर)
पारिवारिक व्यवसाय और अतिरिक्त आय के स्रोत
वीरेंद्र पोखरियाल केबल नेटवर्क के व्यवसाय में साझेदार हैं, जो उनकी आय का एक प्रमुख स्रोत है। दूसरी ओर, सौरभ थपलियाल कृषि पर निर्भर हैं और उनका कोई व्यावसायिक साझेदारी नहीं है।
प्रचार में बढ़ रही गरमाहट
नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के साथ, देहरादून में प्रचार का शोर बढ़ गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रत्याशी अपनी-अपनी रणनीतियों से मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े?
कांग्रेस उम्मीदवार वीरेंद्र पोखरियाल अपनी संपत्ति और उम्र में भाजपा के सौरभ थपलियाल से आगे हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी सौरभ सादगी और जमीनी जुड़ाव को अपनी ताकत मानते हैं।
फैसला जनता के हाथ में
अब देखना यह है कि जनता करोड़पति कांग्रेस उम्मीदवार को पसंद करती है या किसान पृष्ठभूमि वाले भाजपा प्रत्याशी को। परिणाम से तय होगा कि देहरादून नगर निगम की बागडोर किसके हाथों में जाएगी।
