उत्तराखंड

उत्तराखंड में 2027 की तैयारी तेज, राम माधव ने संभाली कमान, संगठन से बूथ तक हुई चर्चा

Preparations for 2027 intensify in Uttarakhand; Ram Madhav takes charge, with discussions held from the organizational level down to the booth level.

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी राम माधव शुक्रवार, 2 अक्टूबर को देहरादून पहुंचे। उनके साथ सह प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज भी मौजूद रहीं। प्रदेश में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद राम माधव का यह अहम दौरा माना जा रहा है।

देहरादून में भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकों का दौर चला। इस दौरान संगठन की मौजूदा स्थिति से लेकर आगामी चुनाव की तैयारियों तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

प्रदेश और जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक

राम माधव ने देहरादून में भाजपा के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में संगठन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जानकारी ली गई। साथ ही आगामी कार्यक्रमों और चुनावी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई।

बैठक का एक प्रमुख मुद्दा बूथ स्तर की तैयारी रहा। चुनाव में बूथ प्रबंधन को अहम माना जाता है। ऐसे में पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है।

राम माधव के साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज ने भी पार्टी नेताओं से संवाद किया। दोनों को उत्तराखंड में सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

2027 विधानसभा चुनाव पर नजर

उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। इसे देखते हुए भाजपा ने अभी से संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। पार्टी के नए प्रभारी की जिम्मेदारी ऐसे समय आई है, जब चुनावी तैयारियों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ रही है।

बैठक में चुनावी रणनीति के साथ पार्टी के आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों से संगठन की स्थिति और जमीनी गतिविधियों को लेकर फीडबैक लिया गया।

भाजपा के लिए बूथ स्तर की तैयारियां खास महत्व रखती हैं। इसी वजह से पार्टी के प्रदेश और जिला संगठन के साथ-साथ स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी जोर दिया जा रहा है।

संगठन को मजबूत करने पर फोकस

राम माधव के दौरे में संगठन को मजबूत करने का मुद्दा प्रमुख रहा। पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।

बैठकों के जरिए स्थानीय पदाधिकारियों से सीधे संवाद करने पर भी जोर दिया गया। इससे अलग-अलग क्षेत्रों की संगठनात्मक स्थिति की जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।

आगामी दिनों में भाजपा की ओर से प्रदेश में और भी संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। इन कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जोड़ने की कोशिश होगी।

नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारी

राम माधव के साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है। नई टीम के सामने संगठन को सक्रिय रखने और चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी है।

2027 के विधानसभा चुनाव तक पार्टी को कई स्तरों पर काम करना होगा। इसमें बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक कार्यक्रम अहम रहेंगे।

देहरादून में हुई बैठक को इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में भाजपा की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।

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