जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने BJP छोड़ी, बोले- जहां सम्मान नहीं वहां नहीं रहना चाहिए
Jubin Nautiyal's father, Ramsharan Nautiyal, quit the BJP, stating that one should not stay where there is no respect
देहरादून: बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल के पिता और भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने पहली बार खुलकर इसकी वजह बताई। रामशरण नौटियाल ने कहा कि किसी भी संगठन में काम करने वाले व्यक्ति के लिए सम्मान और अनुशासन जरूरी है। जहां इन दोनों की कमी हो, वहां ज्यादा समय तक रहना उचित नहीं है।
रामशरण नौटियाल के मुताबिक, पार्टी छोड़ने का फैसला उन्होंने कुछ परिस्थितियों से नाराज होकर लिया है। उन्होंने बिना किसी नेता का नाम लिए कहा कि संगठन में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिलने और वरिष्ठ नेताओं की ओर से ऐसे लोगों का समर्थन किए जाने से वह असहज थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सार्वजनिक मंचों पर अपमान का सामना करना पड़ा।
2014 में BJP में शामिल हुए थे रामशरण नौटियाल
रामशरण नौटियाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में भाजपा की सदस्यता ली थी। उनके मुताबिक, पार्टी में रहने के दौरान उन्हें कई तरह के अनुभव मिले और काफी कुछ सीखने का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक कई लोगों ने उन्हें स्नेह और सम्मान दिया।
उन्होंने ऐसे सभी लोगों के प्रति आभार जताया। हालांकि, उनका कहना है कि कुछ नेताओं के रवैये के कारण उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी छोड़ने के पीछे दो-तीन नेताओं की भूमिका है।
‘जहां अपमान हो, वहां नहीं रहना चाहिए’
रामशरण नौटियाल ने कहा कि अगर किसी संगठन में अनुशासन नहीं है और अनुशासन तोड़ने वालों का साथ दिया जाता है तो वहां बने रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि जहां किसी व्यक्ति को सम्मान न मिले और खुले तौर पर बेइज्जती महसूस हो, वहां किसी भी स्थिति में रुकना नहीं चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ हासिल करना नहीं था। उनका कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
महेंद्र भट्ट के बयान पर भी दी सफाई
रामशरण नौटियाल का इस्तीफा सामने आने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा था कि उनके पास या संबंधित जिलाध्यक्ष के पास अभी तक कोई इस्तीफा नहीं पहुंचा है।
इसके बाद रामशरण नौटियाल ने इस पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी कार्यालय में स्टेनो के माध्यम से भेजा था। बाद में किसी तरह की गलतफहमी न रहे, इसलिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भी अपना आधिकारिक इस्तीफा भेज दिया।
2022 में चकराता से लड़ा था विधानसभा चुनाव
रामशरण नौटियाल ने 2022 में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रीतम सिंह को 36,853 वोट मिले थे। फिलहाल रामशरण नौटियाल ने भाजपा छोड़ दी है। उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

