डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली से सोना-चांदी में गिरावट, वैश्विक तनाव ने संभाला बाजार
Gold and silver prices fall on dollar strength and profit booking, global tensions control the market.
मुंबई: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पिछले सत्र की तेजी के बाद मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिससे बुलियन बाजार पर दबाव बना। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने कीमती धातुओं की रफ्तार को धीमा कर दिया। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता ने गिरावट को सीमित रखा।
घरेलू बाजार में नरमी का रुख
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली। वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में हल्की कमजोरी रही, जबकि चांदी भी दबाव में दिखाई दी। कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर बिकवाली को प्राथमिकता दी। यह प्रवृत्ति आमतौर पर तब देखी जाती है जब बाजार में तेजी के बाद निवेशक अपने लाभ को सुरक्षित करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू बाजार में अंतरराष्ट्रीय संकेतों का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में विदेशी बाजारों में आई गिरावट का असर भारतीय कीमतों पर भी साफ दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर
वैश्विक स्तर पर भी सोना और चांदी में दबाव बना रहा। न्यूयॉर्क के कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि हाजिर सोना भी नीचे आया। चांदी में अपेक्षाकृत अधिक कमजोरी देखी गई, जिसका कारण औद्योगिक मांग और सट्टा गतिविधियों का प्रभाव माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की कीमतें औद्योगिक उपयोग से अधिक जुड़ी होती हैं, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव तेज रहता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा क्षेत्र की मांग में बदलाव का सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।
डॉलर की मजबूती बना प्रमुख कारण
कीमती धातुओं में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है। साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करता है।
बाजार फिलहाल अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की नीतिगत दिशा पर नजर बनाए हुए है। ब्याज दरों से जुड़े संकेत बुलियन बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भू-राजनीतिक तनाव से मिला सहारा
हालांकि गिरावट के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक व्यापार विवादों ने सोने को निचले स्तरों पर समर्थन दिया। अनिश्चित परिस्थितियों में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है, जिससे गिरावट के दौरान खरीदारी उभरती है।
आगे की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बुलियन बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। एक ओर डॉलर की चाल और मुनाफावसूली का दबाव रहेगा, वहीं दूसरी ओर वैश्विक जोखिम और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कीमतों को सहारा दे सकती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक संतुलित और सतर्क रणनीति अपनाएं।


