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नई दिल्ली | शेयर बाजार की तेजी से टॉप कंपनियों की वैल्यू में उछाल, रिलायंस बरकरार सबसे आगे

The stock market rally has boosted the value of top companies, with Reliance remaining at the forefront.

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिली मजबूती ने देश की बड़ी कंपनियों को बड़ा सहारा दिया। बाजार में सकारात्मक माहौल के चलते टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य 1.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया। निवेशकों की मजबूत खरीदारी और प्रमुख सूचकांकों में तेजी ने कंपनियों की वैल्यूएशन को नई ऊंचाई दी।

बीएसई सेंसेक्स में मजबूती का असर

बीएसई का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह 720.56 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। प्रतिशत के हिसाब से यह बढ़त करीब 0.84 फीसदी रही। बाजार में आई इस मजबूती का असर बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलीकॉम और एफएमसीजी सेक्टर पर साफ नजर आया। इन क्षेत्रों की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिससे उनका मार्केट कैप बढ़ा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ फिर बनी नंबर वन

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने एक बार फिर भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की। कंपनी का मार्केट कैप 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 21.54 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। विविध कारोबार, मजबूत वित्तीय स्थिति और निवेशकों के भरोसे ने रिलायंस को बाजार में बढ़त दिलाई।

बैंकिंग सेक्टर का शानदार प्रदर्शन

बैंकिंग सेक्टर में भी जबरदस्त मजबूती देखने को मिली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मार्केट कैप में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य 9.22 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।
वहीं, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप बढ़कर 15.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का बाजार मूल्य 9.68 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर और एफएमसीजी कंपनियों को फायदा

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के शेयरों में भी तेजी रही। कंपनी का मार्केट कैप 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
एफएमसीजी सेक्टर में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी निवेशकों को आकर्षित किया और उसका बाजार मूल्य 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़कर 5.51 लाख करोड़ रुपये हो गया।

कुछ कंपनियों को झेलनी पड़ी गिरावट

हालांकि, सभी दिग्गज कंपनियों के लिए यह सप्ताह फायदेमंद नहीं रहा। आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियां टीसीएस और इंफोसिस के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस को भी नुकसान उठाना पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार, इन शेयरों में मुनाफावसूली के कारण गिरावट देखने को मिली।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

कुल मिलाकर, शेयर बाजार की यह तेजी निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत अनुकूल रहे और घरेलू आर्थिक आंकड़े मजबूत बने रहे, तो आने वाले दिनों में बाजार में स्थिरता और मजबूती बनी रह सकती है।

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