विश्व मृदा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन: मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता पर जोर
Awareness program organized on World Soil Day: Emphasis on soil health and fertility
देहरादून, 5 दिसंबर 2024: विश्व मृदा दिवस के अवसर पर मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजनान्तर्गत किसान भवन सभागार, रिंग रोड, देहरादून में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कृषि अधिकारी श्री देवेंद्र सिंह राणा ने की, जिन्होंने किसानों का स्वागत करते हुए विश्व मृदा दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 2014 में पहली बार विश्व मृदा दिवस मनाया गया था, और इस वर्ष इसका दसवां संस्करण “मृदा की देखभाल, मापन, निगरानी और प्रबंधन” थीम के साथ मनाया गया।
विशेषज्ञों ने दी अहम जानकारियां:
- मृदा परीक्षण और पोषण प्रबंधन:
- श्री आनंद सिंह रावत, प्रभारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, ने मृदा परीक्षण की प्रक्रिया, मृदा नमूना लेने की विधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, और फसल उत्पादन में उनके महत्व पर जानकारी दी।
- मृदा और जल संरक्षण:
- भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, कौलागढ़ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. लेख चंद ने मृदा अपरदन से भूमि और पोषक तत्वों के नुकसान पर चर्चा की। उन्होंने मेड़बंदी और गोबर के उपयोग से फसल उत्पादन में होने वाले लाभ पर भी विस्तार से बताया।
किसानों को योजनाओं से जोड़ा गया:
मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थिति:
गोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारी और भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिकों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से श्री अशोक गिरी, श्रीमती शशिबाला जुयाल, डॉ. तृषा राय, डॉ. देवीदीन यादव, और श्रीमती सरिता गुप्ता शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा किसानों को विभागीय प्रयासों से अवगत कराते हुए किया गया। इस तरह, यह आयोजन मृदा की देखभाल और उसकी उर्वरता बढ़ाने के लिए जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा।
