उत्तराखंड

Chamoli Flash Flood: तमक नाले में आया भयानक जलसैलाब, वैली ब्रिज और वाहन बहे, BRO ऑपरेटर लापता!

Chamoli Flash Flood: Massive torrent surges through Tamak Nala; valley bridge and vehicles washed away, BRO operator missing!

Chamoli Flash Flood: उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी से सोमवार को जलसैलाब की खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं। भारत-चीन सीमा से सटे इस संवेदनशील क्षेत्र में तमक नाले में अचानक पानी का प्रवाह बेहद तेज हो गया। देखते ही देखते पानी और मलबे के तेज बहाव ने नाले पर बने वैली ब्रिज को अपनी चपेट में ले लिया। पुल के बहने के साथ ही आसपास मौजूद वाहन भी पानी में बह गए।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। तमक नाले में आए इस अचानक जलसैलाब के कारण मलारी से आगे नीती घाटी की ओर आवाजाही बाधित हो गई है। सीमांत गांवों और चीन सीमा की तरफ जाने वाला सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

तेज बहाव में बहा वैली ब्रिज

बताया जा रहा है कि तमक इलाके में भारी बारिश के बाद नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी बहकर आया, जिससे स्थिति कुछ ही समय में बेहद खतरनाक हो गई।

पानी का वेग इतना अधिक था कि नाले पर बना वैली ब्रिज भी ज्यादा देर तक टिक नहीं सका। पुल के बह जाने से नीती घाटी की ओर जाने वाला मार्ग बाधित हो गया है। स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में तेज बहाव के बीच वाहनों के बहने का मंजर दिखाई दे रहा है।

प्रशासन के अनुसार, तमक क्षेत्र में एक के बाद एक तीन बार अतिवृष्टि होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नाले में अचानक पानी का दबाव बढ़ा और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।

BRO ऑपरेटर के लापता होने की सूचना

Chamoli Flash Flood की इस घटना में सीमा सड़क संगठन यानी BRO के एक ऑपरेटर के लापता होने की भी सूचना है। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के मुताबिक, उन्होंने BRO के मेजर से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान एक ऑपरेटर के लापता होने की जानकारी मिली।

बताया गया कि ऑपरेटर मशीन पर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक बारिश तेज हुई और नाले का बहाव बढ़ गया। इसके बाद उसका पता नहीं चल पाया। आशंका जताई जा रही है कि वह तेज पानी के बहाव में बह गया हो। हालांकि, उसकी वास्तविक स्थिति का पता राहत और बचाव टीमों की खोजबीन के बाद ही स्पष्ट होगा।

चमोली जिला अधिकारी गौरव कुमार ने भी जानकारी दी कि घटना में एक ब्रिज, एक गाड़ी, एक ट्रक और हवलदार रैंक के कर्मचारी के बहने की सूचना मिली है। प्रशासन की ओर से अन्य कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

SDRF और NDRF की टीमें रवाना

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान की तैयारी शुरू कर दी। प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF और NDRF समेत संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं।

टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद सबसे पहले घटनास्थल की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद लापता कर्मचारी की तलाश और प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।

हालांकि, पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने भी चुनौतियां हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और लापता व्यक्ति की तलाश करना है।

नीती घाटी का संपर्क हुआ प्रभावित

वैली ब्रिज के बह जाने से नीती घाटी की ओर जाने वाला मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मलारी से आगे आवाजाही बाधित होने के कारण सीमांत क्षेत्र के लोगों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है।

नीती घाटी भारत-चीन सीमा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में सड़क संपर्क का बाधित होना सामान्य यातायात के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी के लिए भी अहम माना जा रहा है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जब तक मार्ग की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक नीती घाटी की तरफ जाने से बचें।

अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा

नीती घाटी में हुई भारी बारिश का असर आसपास की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से लोगों को नदी-नालों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि मौसम सामान्य होने और रास्तों की स्थिति स्पष्ट होने तक जोखिम लेकर यात्रा न करें।

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच हादसा

चमोली समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। इसी बीच सीमावर्ती नीती घाटी में अतिवृष्टि के बाद आया यह Chamoli Flash Flood पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बढ़ने वाले जलप्रवाह के खतरे को सामने लाता है।

पहाड़ी इलाकों में बादल फटने, अतिवृष्टि और अचानक नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने से सड़क और पुलों को भारी नुकसान हो सकता है। तमक नाले की घटना भी इसी तरह के खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करती है।

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में नदी, नाले और संवेदनशील इलाकों के पास जाने से बचें। खासकर नीती घाटी जैसे सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की जानकारी लिए बिना यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल राहत और बचाव टीमों के घटनास्थल तक पहुंचने का इंतजार है। लापता BRO ऑपरेटर की तलाश के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जाएगा। वैली ब्रिज और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए मौसम और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चमोली में सामने आई Chamoli Flash Flood की घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान बढ़ने वाले आपदा जोखिम की गंभीरता को उजागर किया है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

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