नैनीताल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दो दिवसीय प्रवास, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जिला बना नो फ्लाई जोन
President Draupadi Murmu's two-day visit to Nainital: strict security arrangements in place, district declared a no-fly zone.
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल आज और कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। अपने दो दिवसीय दौरे (3 और 4 नवंबर) के तहत राष्ट्रपति मुर्मू कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगी, जिनमें राजभवन नैनीताल की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने का समारोह, नीम करौली बाबा के कैंची धाम में दर्शन और कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण शामिल है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, नैनीताल बना नो फ्लाई जोन
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। 3 और 4 नवंबर को नैनीताल जिला नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इन दो दिनों में किसी भी प्रकार का ड्रोन, पैराग्लाइडिंग या हवाई गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हल्द्वानी से लेकर नैनीताल तक पुलिस, एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट), इंटेलिजेंस ब्यूरो, डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल यूनिट को सतर्क मोड पर रखा गया है।
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सभी थाना-चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रमुख प्रवेश मार्गों, पार्किंग स्थलों, होटलों और बस अड्डों पर गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रूट डायवर्जन और विशेष ट्रैफिक प्लान लागू
प्रशासन ने शहर में रूट डायवर्जन प्लान भी लागू कर दिया है। 3 और 4 नवंबर को राजभवन, कैंची धाम और कुमाऊं विश्वविद्यालय के आसपास आम वाहनों का प्रवेश सीमित रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वीवीआईपी दौरों में हुई गलतियों से सबक लेते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जनता से अपील की गई है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्दिष्ट मार्गों का ही उपयोग करें।
राष्ट्रपति का कार्यक्रम शेड्यूल
अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 3 नवंबर की शाम देहरादून से जीटीसी हेलीपैड से रवाना होकर हल्द्वानी के आर्मी हेलीपैड पहुंचेंगी। वहां से वे राजभवन नैनीताल जाएंगी और 125वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेंगी। राजभवन में रात्रि विश्राम के बाद, 4 नवंबर को वे राजभवन के मुख्य द्वार का शिलान्यास करेंगी, जिसके बाद कैंची धाम में नीम करौली बाबा के दर्शन करेंगी।
इसके पश्चात राष्ट्रपति मुर्मू कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगी। कार्यक्रम के बाद वे हल्द्वानी से बरेली होते हुए दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।
उत्तराखंड दौरे का अंतिम चरण
राष्ट्रपति का यह दौरा उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रमों का हिस्सा है। इससे पहले 2 नवंबर को उन्होंने हरिद्वार में पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और 3 नवंबर को देहरादून में विधानसभा को संबोधित किया।
आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि नैनीताल में सुरक्षा के लिए करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सभी व्यवस्थाओं की निगरानी लगातार की जा रही है ताकि राष्ट्रपति के दौरे में किसी भी प्रकार की चूक न हो।


