उत्तराखंड में Uttarakhand weather alert के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अप्रैल के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार भारी बारिश और बर्फबारी ने ठंड को वापस ला दिया है। पर्वतीय इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और कई जगहों पर पारा 17 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। इस बदलाव ने लोगों को हैरान कर दिया है और जनजीवन पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
पांच साल में अप्रैल की सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार Uttarakhand weather alert के बीच इस बार अप्रैल में एक दिन की सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है, जो वर्ष 2020 के बाद पहली बार देखने को मिली है। देहरादून समेत कई जिलों में लगातार कई घंटों तक तेज बारिश हुई। चंपावत में सबसे ज्यादा 85 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि चकराता, पंचेश्वर और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की गई। इस असामान्य वर्षा ने मौसम के पैटर्न को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में भी असर
Uttarakhand weather alert के दौरान पर्वतीय जिलों में जोरदार बर्फबारी देखने को मिली है। बदरीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और औली जैसी ऊंची चोटियों पर लगातार हिमपात हो रहा है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखा गया, जहां तापमान में अचानक गिरावट आई है। देहरादून और ऊधमसिंह नगर जैसे क्षेत्रों में भी ठंड का असर महसूस किया गया, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े।
किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
इस बदलते मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। Uttarakhand weather alert के कारण रबी की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं और बारिश ने फसलों को प्रभावित किया है, वहीं आम और लीची की बौर को भी नुकसान पहुंचा है। अगर मौसम का यही रुख बना रहा, तो इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ सकता है।
केदारनाथ में हालात चुनौतीपूर्ण
Uttarakhand weather alert के बीच Kedarnath Temple में लगातार बर्फबारी से हालात और कठिन हो गए हैं। धाम में तीन से चार फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं। प्रशासन ने पहले रास्ता साफ किया था, लेकिन नई बर्फबारी ने फिर से मार्ग को ढक दिया है। इससे यात्रा तैयारियों पर असर पड़ा है।
यात्रा से पहले बढ़ी प्रशासन की चुनौती
केदारनाथ यात्रा इस साल 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, लेकिन Uttarakhand weather alert के कारण प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। यात्रा शुरू होने में कम समय बचा है और मौसम लगातार चुनौती पेश कर रहा है। बर्फबारी और ठंड के कारण व्यवस्थाओं को तैयार करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि यात्रा समय पर शुरू हो सके।
पानी की पाइपलाइन भी जमी
लगातार ठंड और बर्फबारी के कारण धाम में पानी की पाइपलाइन भी जम गई है। Uttarakhand weather alert के चलते पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे श्रद्धालुओं और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश कर रहा है, ताकि यात्रा के दौरान कोई दिक्कत न हो।
निर्माण कार्यों पर भी असर
बर्फबारी का असर निर्माण कार्यों पर भी पड़ा है। Uttarakhand weather alert के कारण काम की रफ्तार धीमी हो गई है, लेकिन इसके बावजूद जरूरी सामग्री को घोड़े-खच्चरों के माध्यम से धाम तक पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद समय पर काम पूरा करने की कोशिश जारी है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार Uttarakhand weather alert अभी जारी रहेगा। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।



