मुंबई: मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। शुरुआती सत्र में ही निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 417 अंकों की गिरावट के साथ 81,120 के आसपास पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 111 अंक फिसलकर 24,937 के स्तर पर आ गया। बाजार में यह गिरावट कई घरेलू और वैश्विक कारणों से जुड़ी मानी जा रही है।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली हावी
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 81,361 के स्तर पर खुला था, लेकिन कुछ ही मिनटों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। बैंकिंग, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार और नीचे फिसल गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली के मूड में हैं, जिसका असर बड़े शेयरों पर पड़ा है।
निफ्टी 25,000 के अहम स्तर से नीचे
निफ्टी ने भी कमजोर रुख के साथ दिन की शुरुआत की। 25,017 के आसपास खुलने के बाद इसमें और गिरावट आई और यह 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्तर बाजार की दिशा के लिए काफी अहम माना जाता है। यदि निफ्टी लंबे समय तक इस स्तर से नीचे बना रहता है, तो आने वाले सत्रों में दबाव और बढ़ सकता है।
वैश्विक संकेतों से नहीं मिला स्पष्ट समर्थन
वैश्विक बाजारों से घरेलू शेयर बाजार को आज कोई ठोस सहारा नहीं मिल सका। अमेरिकी बाजारों में हाल के सत्र में मजबूती रही, लेकिन एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ एशियाई सूचकांक गिरावट में रहे, जिससे भारतीय निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। वैश्विक ब्याज दरों और आर्थिक अनिश्चितताओं पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
FII की बिकवाली बनी बड़ी वजह
जनवरी 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। उनकी इस निकासी ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। जानकारों के मुताबिक डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के चलते विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) कुछ हद तक बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।
सेक्टरों का प्रदर्शन रहा मिला-जुला
आज के कारोबार में ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। वहीं मेटल और आईटी शेयरों में सीमित मजबूती रही, जिससे बाजार को थोड़ी राहत मिली। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भी दबाव बना रहा, खासकर चुनिंदा निजी बैंकों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट तिमाही नतीजे, वैश्विक संकेत और FII की गतिविधियां बाजार की चाल तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। मौजूदा गिरावट को लंबी अवधि के निवेशक अवसर के रूप में भी देख सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी से बचना जरूरी है।


