उत्तराखंड

उत्तराखंड में सूखा बीता नवंबर, बारिश-बर्फबारी गायब, तापमान सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा

Uttarakhand experienced a dry November, Rain and snowfall were absent, and temperatures were 4 degrees above normal.

देहरादून: उत्तराखंड में नवंबर 2025 मौसम के लिहाज से बेहद असामान्य रहा। आमतौर पर यह महीना प्रदेश में कम वर्षा का होता है, लेकिन इस बार हालात सामान्य से भी खराब रहे। बारिश और बर्फबारी का लगभग पूरी तरह अभाव रहा, जिसके चलते पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन में तेज धूप के कारण लोगों को नवंबर की ठंड का एहसास नहीं हो पाया।

98% कम रिकॉर्ड हुई बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, नवंबर में उत्तराखंड की सामान्य औसत वर्षा 6.4 मिलीमीटर होती है। लेकिन इस साल पूरे महीने में केवल 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 98 प्रतिशत कम है। यह स्थिति नवंबर को पूरी तरह सूखा महीना घोषित करने के लिए पर्याप्त है।
प्रदेश के कई जिलों—खासकर देहरादून, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत—में एक बूंद तक बारिश नहीं हुई। 0.1 मिमी बारिश मुख्य रूप से चमोली, पिथौरागढ़ और कुछ हद तक उधमसिंह नगर में रिकॉर्ड की गई।

बर्फबारी बिल्कुल नहीं, तापमान में बड़ी छलांग

पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य वर्षों की तरह एक भी प्रमुख बर्फबारी की घटना नहीं हुई। बारिश और बर्फबारी के अभाव में दिन का तापमान सामान्य से 3–4 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया।
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, “बारिश न होने के कारण दिन में धूप तीखी रही, जिससे ठंड का असर बहुत कम महसूस हुआ। हालांकि रात में हल्की ठंडी हवा के चलते रातें सामान्य से ठंडी रहीं।”

अक्टूबर–नवंबर संयुक्त रूप से सामान्य से बेहतर, पर नवंबर सबसे सूखा

दिलचस्प रूप से, अक्टूबर और नवंबर की संयुक्त वर्षा 42 मिलीमीटर रही, जो सामान्य (37.7 मिमी) से 11 प्रतिशत अधिक है। लेकिन इसमें नवंबर का योगदान बेहद कम रहा, जिससे नवंबर महीने को ‘अत्यंत सूखा’ दर्ज किया गया।

उत्तर भारत के कई राज्यों में भी हालात खराब

नवंबर में बारिश की कमी केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रही। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार में भी बारिश का लगभग अभाव रहा।
इस प्रकार उत्तर भारत के बड़े हिस्से ने नवंबर 2025 में शुष्क परिस्थितियों का सामना किया।

सर्दियों की दस्तक में देरी संभव, पश्चिमी विक्षोभ से उम्मीद

बारिश और बर्फबारी की कमी से उत्तराखंड में सर्दियों के आगमन में देरी हो सकती है। अब दिसंबर में संभावित पश्चिमी विक्षोभ पर मौसम विशेषज्ञों की नजर टिकी है।
आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा के संकेत मिले हैं, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ही ठंड बढ़ाने का मुख्य कारक होगी।

नवंबर 2025 उत्तराखंड के लिए मौसम की दृष्टि से बेहद सूखा रहा। अब प्रदेश को दिसंबर के पश्चिमी विक्षोभ से ही बारिश-बर्फबारी की उम्मीद है, जिससे सर्दियां रफ्तार पकड़ सकती हैं।

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