देहरादून: ABVP के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में दिखा एक भारत का अद्भुत स्वरूप, 1500 प्रतिनिधियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा
Dehradun: The 71st National Convention of ABVP showcased the unique image of India, with 1,500 delegates taking out a grand procession.
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इन दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के शानदार और ऐतिहासिक आयोजन का केंद्र बनी हुई है। तीन दिवसीय 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया, जिसमें देश के कोने-कोने से आए हजारों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रविवार को अधिवेशन के दूसरे दिन देहरादून की सड़कों पर ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत तस्वीर देखने को मिली, जब करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
सीएम धामी ने किया पुष्प वर्षा कर स्वागत
इस शोभायात्रा में देश के सभी राज्यों से आए 1500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। अलग-अलग भाषाओं और वेशभूषाओं में सजे प्रतिनिधियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया। यात्रा के मार्ग पर जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे, जहां स्थानीय लोगों ने प्रतिनिधियों का उत्साह बढ़ाया।
गांधी पार्क के पास पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं एबीवीपी प्रतिनिधियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री गमछा लहराकर युवाओं का उत्साहवर्धन करते नजर आए। पूरा क्षेत्र भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
शिक्षा, AI और युवाओं की भूमिका पर हुए महत्वपूर्ण सत्र
अधिवेशन के दूसरे दिन की शुरुआत एक विचारशील सत्र से हुई, जिसका विषय था—
“शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका”।
इस सत्र को एबीवीपी के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने संबोधित किया।
इसके पश्चात पाँच समानांतर सत्र आयोजित हुए, जिनमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई—
- वैश्विक Gen-Z आंदोलन और भारतीय युवा
- AI, चैट GPT और शिक्षा का भविष्य
- बांग्लादेशी घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा
- जनसंख्या असंतुलन और विकसित भारत की दिशा
- ऑपरेशन सिंदूर और बदलता सुरक्षात्मक परिदृश्य
इन चर्चाओं में शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों और छात्रों ने हिस्सा लिया और समसामयिक विषयों पर विचार साझा किए।
देहरादून की सड़कों पर ‘विविधता में एकता’ का अनोखा नज़ारा
शोभायात्रा परेड ग्राउंड से होते हुए सर्वे चौक, भेल चौक, एश्लेहाल चौक, घंटाघर और अंत में दर्शनलाल चौक पहुँची। यात्रा के दौरान देश के अलग-अलग शैक्षिक परिसरों से आए विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और विविधताओं को शानदार ढंग से प्रस्तुत किया।
पूरे मार्ग में “भारत माता की जय” और “कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी” जैसे नारे गूंजते रहे। यह यात्रा विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण बन गई।
खुले अधिवेशन में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
दर्शनलाल चौक में आयोजित खुले अधिवेशन में एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी सहित देशभर के कई छात्र नेताओं ने मंच साझा किया। उन्होंने शिक्षा, छात्रवृत्ति, बांग्लादेशी घुसपैठ, समाज और युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे।
तीन दिवसीय यह अधिवेशन देहरादून में न केवल देशभर के छात्रों का संगम बना, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा और युवा शक्ति के संदेश को भी मजबूती से स्थापित कर गया।

