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दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण से लोग परेशान, मनाली और कुल्लू बने वर्क फ्रॉम होम की नई पसंद

Delhi's rising pollution has troubled people, with Manali and Kullu becoming the new choice for work from home.

कुल्लू: देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। हवा में फैली जहरीली धुंध से सांस लेना मुश्किल हो गया है। कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। दिल्ली के नितिन भंडारी और उनकी पत्नी भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं। काम का सामान उठाकर उन्होंने मनाली का रास्ता पकड़ा और अब ताज़ी हवा में वर्क फ्रॉम होम करते हुए पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं।


बढ़ते AQI से दिल्ली में हालात गंभीर, लोगों ने शुरू किया पहाड़ों की ओर पलायन

दिल्ली में पिछले एक महीने से प्रदूषण का स्तर बेहद खराब है। AQI लगातार ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज हो रहा है। कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं के कारण लोग घरों से निकलने में परहेज कर रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ कुल्लू-मनाली और हिमाचल के अन्य शहरों में पहुंच रहे हैं, जहां वे होमस्टे में रहकर ऑफिस का काम भी कर रहे हैं और साफ हवा का आनंद भी।


पहाड़ों में वर्क फ्रॉम होम बना नई ट्रेंड, दूर-दराज़ राज्यों से भी पहुंचे लोग

कानपुर के विनोद त्यागी, जो गुरुग्राम में कार्यरत हैं, बताते हैं कि दिवाली के बाद दिल्ली-NCR में हवा इतनी खराब हो गई कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कंपनी के निर्देश पर वर्क फ्रॉम होम शुरू हुआ और वे दोस्तों के साथ बंजार घाटी के बठाहड पहुंच गए। होमस्टे में रहकर वे ताज़ी हवा, शांत माहौल और प्राकृतिक सौंदर्य का मजा लेते हुए काम भी कर रहे हैं। कई लोग दिसंबर तक होमस्टे बुक कर चुके हैं और हवा में सुधार होने तक यहीं रहना चाहते हैं।


हिमाचल का मौसम, संस्कृति और व्यंजन लोगों को कर रहे आकर्षित

सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि केरल, बंगाल और दक्षिण भारत से भी लोग इन दिनों हिमाचल का रुख कर रहे हैं। केरल के ट्रोजन जोसेफ अपने परिवार के साथ मनाली पहुँचे और यहां की शुद्ध हवा और शांत वातावरण को बेहद पसंद किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की विषैली हवा से छुटकारा पाना जरूरी था। यहां की संस्कृति, स्थानीय व्यंजन और बर्फ से ढके पहाड़ पर्यटकों का मन मोह रहे हैं।

दिल्ली से पहुंचे दीपक निषाद का कहना है कि पहाड़ों में मिलने वाली धूप, साफ नीला आसमान और स्वादिष्ट हिमाचली व्यंजनों ने उन्हें तरोताज़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सूरज को देखे हुए कई दिन हो गए थे, लेकिन यहां मौसम बिल्कुल साफ है और हवा में ताजगी है।


पर्यटन कारोबारियों के लिए राहत, होमस्टे में बढ़ी बुकिंग

कुल्लू के तीर्थन घाटी के होमस्टे संचालक परस राम भारती बताते हैं कि वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवाओं की संख्या अचानक बढ़ गई है। उनके मुताबिक, दिसंबर तक अधिकांश कमरे बुक हैं। युवा दिन में ऑनलाइन ऑफिस करते हैं और शाम को आसपास के पहाड़ी गांव, झरने और जंगलों की सैर करते हैं। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा होने लगा है।

कुल्लू-मनाली के विभिन्न पर्यटन स्थलों—जैसे रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और ट्रेकिंग—पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है।


कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने लोगों को पहाड़ों की ओर धकेल दिया है, लेकिन हिमाचल की ताज़ी हवा, शांत वातावरण और खूबसूरत वादियाँ लोगों के लिए राहत और सुकून का बड़ा सहारा बनी हुई हैं।

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