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यात्रा और पर्यटन: महिला समूहों की आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल

Travel and Tourism: A new example of economic empowerment of women groups

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियां अब महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की आर्थिकी का मजबूत आधार बनती जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अक्तूबर माह तक महिला समूहों ने 110 यात्रा आउटलेट्स के माध्यम से ₹91.75 लाख की बिक्री की, जिससे उन्हें ₹29.7 लाख का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी और संस्कृति का प्रसार

ग्राम्य विकास विभाग के तहत उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) द्वारा स्थापित किए गए ये यात्रा आउटलेट्स, स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा ने बताया कि इन आउटलेट्स पर हस्तनिर्मित ऊनी वस्त्र, पहाड़ी मसाले, जैविक अचार, स्मृति चिन्ह और मिलेट-आधारित खाद्य पदार्थ बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। ये आउटलेट्स न केवल महिलाओं की आजीविका को सहारा दे रहे हैं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का प्रचार भी कर रहे हैं।


यात्रा आउटलेट्स की सफलता का दायरा

राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित 110 यात्रा आउटलेट्स ने क्षेत्रीय उत्पादों को पहचान दिलाई है। प्रमुख जिलों में आउटलेट्स की संख्या इस प्रकार है:

  • चमोली: 16
  • देहरादून: 02
  • हरिद्वार: 11
  • नैनीताल: 10
  • पौड़ी: 15
  • रुद्रप्रयाग: 15
  • टिहरी: 20
  • उत्तरकाशी: 21

महिलाओं के लिए आय के नए साधन

उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अब तक 67,172 महिला समूह गठित किए हैं, जिनसे करीब 5 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। राज्य में 8 मिलेट बेकरी इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद कर रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती से ही राज्य प्रगति कर सकता है। यात्रा आउटलेट्स और लखपति दीदी योजना जैसे प्रयास इसी उद्देश्य की पूर्ति कर रहे हैं।”


प्रधानमंत्री की अपील और भविष्य की संभावनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने खर्च का 5% स्थानीय उत्पाद खरीदने पर व्यय करें। यह अपील महिला समूहों की आय में बढ़ोतरी का बड़ा कारक बन सकती है।

ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के ये प्रयास न केवल उनकी आजीविका को सुधार रहे हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

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