गणतंत्र दिवस पर गैरसैंण में फिर गूंजी स्थाई राजधानी की मांग
On Republic Day, the demand for a permanent capital echoed once again in Gairsain.
गैरसैंण (चमोली): 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की स्थाई राजधानी गैरसैंण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने 26 जनवरी को गैरसैंण जनजागृति संवैधानिक संदेश यात्रा निकालकर अपनी पुरानी मांग को नए सिरे से मजबूती के साथ उठाया। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। यात्रा का नेतृत्व यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी और पूर्व विधायक द्वाराहाट पुष्पेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया।
जनजागृति यात्रा अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया से शुरू होकर माईथान (खनसर घाटी) और मेहलचोरी होते हुए गैरसैंण पहुंची। रास्ते भर विभिन्न स्थानों से लोग यात्रा में जुड़ते गए, जिससे इसका स्वरूप एक बड़े जन आंदोलन जैसा नजर आया। गैरसैंण पहुंचने पर गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) गेस्ट हाउस से मुख्य बाजार तक विशाल रैली निकाली गई।
भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ दिखा आक्रोश
रैली के दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप था कि राज्य गठन के बाद से दोनों ही दलों ने बारी-बारी सत्ता में रहकर उत्तराखंड की मूल भावना और पहाड़ के हितों की अनदेखी की है। मुख्य बाजार पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद कार्यकर्ता गैरसैंण से भराड़ीसैण स्थित विधानसभा भवन की ओर कूच कर गए। पहले से तय कार्यक्रम को देखते हुए भराड़ीसैण में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। विधानसभा के मुख्य द्वार पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और बाद में परिसर में सभा आयोजित की गई।
‘यह सिर्फ राजधानी नहीं, पहाड़ के अस्तित्व की लड़ाई है’
सभा को संबोधित करते हुए यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों में भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को लूटने का काम किया है। आशीष नेगी ने दावा किया कि जब यूकेडी राज्य बना सकती है, तो गैरसैंण को राजधानी बनाने का संघर्ष भी करेगी।
‘उत्तराखंड की हुई लगातार उपेक्षा’ – पुष्पेश त्रिपाठी
पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड की लगातार उपेक्षा हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि देहरादून में बैठकर नेता और नौकरशाह पहाड़ के बजाय अपने निजी हित साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पहाड़ का भविष्य सुरक्षित करना है, तो यूकेडी को मजबूत करना जरूरी है।
आंदोलन के फिर तेज होने के संकेत
गणतंत्र दिवस पर आयोजित इस जनजागृति यात्रा ने यह साफ कर दिया है कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

