नेशनल यूथ डे पर देहरादून में मेगा क्लीन-अप ड्राइव, युवा शक्ति ने दिखाई स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
On National Youth Day, a mega clean-up drive was organized in Dehradun, where young people set an example of cleanliness and environmental protection.
स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं नेशनल यूथ डे के अवसर पर देहरादून में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर युवाओं ने एक प्रेरक उदाहरण पेश किया। Waste Warriors Society के तत्वावधान में 12 जनवरी 2026 को मांडूवाला क्षेत्र (सहसपुर ब्लॉक) और खलंगा फॉरेस्ट (रायपुर, देहरादून) में एक भव्य मेगा क्लीन-अप ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अभियान ने न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि यह भी साबित किया कि जब युवा नेतृत्व संभालते हैं, तो सामाजिक बदलाव एक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।
युवाओं की ऊर्जा से स्वच्छता का संदेश
स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता, जिम्मेदार नागरिकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था। नेशनल यूथ डे के मौके पर आयोजित इस पहल में युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और समर्पण साफ तौर पर देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है।
मांडूवाला और खलंगा फॉरेस्ट में चला अभियान
मेगा क्लीन-अप ड्राइव दो प्रमुख स्थानों पर आयोजित की गई। पहला अभियान सहसपुर ब्लॉक के मांडूवाला क्षेत्र में चला, जहां ग्रामीण इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर फैले कचरे को साफ किया गया। वहीं दूसरा अभियान देहरादून के प्रसिद्ध खलंगा फॉरेस्ट क्षेत्र में आयोजित हुआ, जो प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। जंगल क्षेत्र में बढ़ते कचरे से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ सफाई अभियान चलाया।
175 किलो से अधिक कचरा एकत्र
अभियान के दौरान दोनों स्थानों से 175 किलोग्राम से अधिक कचरा एकत्र किया गया। इस कचरे को Waste Warriors Society की मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), हर्रावाला भेजा गया, जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से पोस्ट-प्रोसेसिंग और पुनर्प्राप्ति की जाएगी। इससे लैंडफिल पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और पुनः उपयोग योग्य संसाधनों को वापस सिस्टम में लाया जा सकेगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
कई संस्थाओं और समाज का सहयोग
इस स्वच्छता अभियान में तीन से अधिक संस्थाओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। मांडूवाला क्षेत्र में यह अभियान आस्था सैनी (DBUU की छात्रा) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसमें मांडूवाला की ग्राम प्रधान श्रीमती वर्षा उनियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री अंकित शर्मा और Karma Social Welfare Society के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर न केवल सफाई की, बल्कि स्थानीय लोगों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक भी किया।
खलंगा फॉरेस्ट में युवाओं का नेतृत्व
खलंगा फॉरेस्ट में आयोजित क्लीन-अप ड्राइव का नेतृत्व दीपिका रावत (दून विश्वविद्यालय) ने किया। उनके साथ Doon Visionary Club के स्वयंसेवक, कैप्टन मोहित सिंह बिष्ट, और Waste Warriors Society की टीम से कलश थापा, सौम्या धूलिया, ओशानिका भट्ट और अवधेश पुंडीर ने सक्रिय सहभागिता निभाई। जंगल क्षेत्र में सफाई करना चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद युवाओं ने पूरे समर्पण के साथ अभियान को सफल बनाया।
जागरूकता के साथ श्रमदान
इस मेगा क्लीन-अप ड्राइव की खास बात यह रही कि यह केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं रहा। स्वयंसेवकों ने स्थानीय समुदाय और युवाओं से संवाद कर उन्हें प्लास्टिक प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और जिम्मेदार उपभोग के बारे में भी जानकारी दी। लोगों को यह समझाया गया कि छोटे-छोटे प्रयास, जैसे कचरा न फैलाना और सही तरीके से निस्तारण करना, पर्यावरण को बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
Waste Warriors Society का संदेश
इस अवसर पर Waste Warriors Society की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया—“स्वच्छता में भाग लें, पर्यावरण को बचाएँ। युवा शक्ति के साथ, बदलाव संभव है।” संस्था ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही स्वच्छ भारत और हरित भविष्य का सपना साकार हो सकता है। नेशनल यूथ डे जैसे अवसर युवाओं को समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर कदम
नेशनल यूथ डे पर आयोजित यह मेगा क्लीन-अप ड्राइव देहरादून के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करते हुए युवाओं ने कर्मयोग के माध्यम से समाज को साफ-सुथरा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि युवा संगठित होकर आगे आएँ, तो स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक मजबूत जन-आंदोलन बन सकता है।


