उत्तराखंड

ठंड में अंगीठी बनी जानलेवा, उत्तरकाशी में दम घुटने से मिस्त्री की मौत, एक ICU में भर्ती

In the cold weather, a charcoal brazier turned deadly; a mechanic died of suffocation in Uttarkashi, and another is admitted to the ICU.

उत्तरकाशी: पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ठंड से बचने के लिए जहां लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं, वहीं लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। उत्तरकाशी जिले के चामकोट गांव से ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।

बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे दोनों मिस्त्री

घटना उत्तरकाशी के चामकोट गांव की है। यहां निर्माणाधीन भवन में काम करने वाले दो मिस्त्री बीती गुरुवार रात ठंड से बचने के लिए कमरे के भीतर कोयले की अंगीठी जलाकर सो गए। रात के दौरान कमरे में अंगीठी से निकली जहरीली गैस भर गई, जिससे दोनों का दम घुटने लगा। सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई।

दरवाजा न खुलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना

ग्रामीणों ने पहले दरवाजा खटखटाकर आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा खोला, तो कमरे के भीतर का दृश्य बेहद भयावह था।

एक की मौके पर मौत, दूसरा बेहोश मिला

पुलिस के अनुसार कमरे के अंदर प्रमोद जोशी (37 वर्ष), निवासी वीरपुर डुंडा, मृत अवस्था में पाए गए। वहीं उनके साथी सुरेश चंद (38 वर्ष), निवासी डुंडा, बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरेश को तुरंत एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

आईसीयू में चल रहा इलाज, हालत गंभीर

जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने सुरेश की हालत को गंभीर बताते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती किया है। डॉक्टरों के अनुसार, अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहद जहरीली होती है और बंद कमरे में इसका असर जानलेवा हो सकता है। फिलहाल सुरेश की हालत नाजुक बनी हुई है।

लंबे समय से उसी भवन में रह रहे थे दोनों

पुलिस ने बताया कि दोनों मिस्त्री काफी समय से चामकोट गांव में उसी निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे थे और वहीं एक कमरे में रह रहे थे। ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने रात में अंगीठी जलाई, लेकिन समय रहते कमरे को हवादार नहीं किया, जिससे यह हादसा हो गया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रशासन की अपील: अंगीठी से बरतें सावधानी

उत्तरकाशी के आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुंसाई ने लोगों से अपील की है कि ठंड के मौसम में अंगीठी का उपयोग बेहद सावधानी से करें। उन्होंने कहा कि सोने से पहले अंगीठी को पूरी तरह बुझा दें और कमरे की खिड़कियां खुली रखें। बेहतर है कि अंगीठी को खुले या हवादार स्थान पर ही जलाया जाए।

लापरवाही से बन सकती है बड़ी दुर्घटना

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अंगीठी से निकलने वाली जहरीली गैस और आग दोनों ही जानलेवा हो सकती हैं। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का रूप ले सकती है। ठंड से बचाव जरूरी है, लेकिन सुरक्षा से समझौता करना किसी भी कीमत पर सही नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button