बजट के दिन सोने में बड़ी गिरावट, रिकॉर्ड स्तर से 31 हजार रुपये सस्ता हुआ गोल्ड
On Budget Day, gold prices witnessed a sharp decline, falling by ₹31,000 from their record high.
नई दिल्ली: आम बजट 2026 के दिन सोना खरीदने वालों के लिए राहत की खबर सामने आई है। बीते कुछ महीनों से लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहा सोना अब अचानक तेज गिरावट का शिकार हो गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से करीब 31 हजार रुपये तक नीचे आ चुकी हैं। इस गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ आम ग्राहकों का भी ध्यान खींचा है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के अनुसार, इस साल सोने ने 10 ग्राम के हिसाब से करीब 1.80 लाख रुपये का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। हालांकि, अब कीमतें फिसलकर लगभग 1.60 लाख रुपये के आसपास आ गई हैं। गुडरिटर्न्स के मुताबिक, बजट से ठीक पहले सोना करीब 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
एक दिन में 14 हजार रुपये तक टूटा भाव
दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक ही दिन में सोने के दाम करीब 14 हजार रुपये तक गिर गए। लंबे समय बाद इतनी तेज गिरावट देखने को मिली है। बजट के दिन आई इस गिरावट से बाजार में हलचल बढ़ गई है और ज्वेलरी कारोबारियों के साथ-साथ खरीदार भी सतर्क हो गए हैं।
वैश्विक बाजार से मिला दबाव
सोने की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड में करीब 16 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों के मुताबिक, अमेरिका समेत कई देशों में आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
मुनाफावसूली बनी बड़ी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की हालिया तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तो संस्थागत निवेशकों ने अपने सौदे काटे, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और दाम तेजी से नीचे आ गए।
डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव
डॉलर में आई मजबूती ने भी सोने की कीमतों पर असर डाला है। फेडरल रिजर्व की संभावित सख्त मौद्रिक नीतियों की आशंका से डॉलर मजबूत हुआ है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने की मांग कमजोर पड़ती है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।
बजट 2026 से बाजार को उम्मीद
सर्राफा बाजार को बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती कर सकती है। फिलहाल यह शुल्क 6 प्रतिशत है, जिसे घटाकर 3 या 4 प्रतिशत किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो सोने के दाम और नीचे जा सकते हैं।
शादी के सीजन में मिल सकती है राहत
इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित कटौती और मौजूदा गिरावट के चलते शादी-ब्याह के सीजन में ग्राहकों को राहत मिल सकती है। लंबे समय से ऊंचे दामों के कारण मांग प्रभावित थी, लेकिन अब बाजार में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।
आगे क्या रहेगा रुख?
विश्लेषकों का मानना है कि आगे सोने की कीमतों की दिशा काफी हद तक बजट घोषणाओं और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बजट के दिन आई यह गिरावट सोना खरीदने वालों के लिए एक अच्छा मौका मानी जा रही है।


