मनरेगा का नाम बदलने पर सियासी घमासान तेज: कांग्रेस का देशव्यापी विरोध, नए ‘VB-GRAM’ बिल पर सवाल
Political storm intensifies over renaming of MNREGA, Congress launches nationwide protest, questions new 'VB-GRAM' bill.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) बिल’ किए जाने के फैसले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बुधवार को ‘ऑल इंडिया अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स कांग्रेस’ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेता उदित राज ने नए बिल की प्रति जलाकर विरोध जताया।
उदित राज का केंद्र पर हमला
प्रदर्शन के दौरान उदित राज ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीण बेरोजगारी से लड़ने वाली दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक योजना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना को कमजोर करने और धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है। उदित राज ने कहा कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनकी विरासत पर हमला है और यह ग्रामीण मजदूरों से उनके ‘रोजगार के कानूनी अधिकार’ को छीनने जैसा कदम है।
कर्नाटक में भी विरोध, गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन
मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर कर्नाटक में भी कांग्रेस ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। कर्नाटक के मंत्री दिनेश गुंडू राव ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम भाजपा और आरएसएस के महात्मा गांधी के प्रति वैचारिक विरोध को दर्शाता है। बेलगावी में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि गांधी के प्रति असहजता भाजपा-आरएसएस की राजनीति में बार-बार दिखाई देती है।
कर्नाटक कांग्रेस नेताओं ने बेलगावी के सुवर्ण सौध परिसर में गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन न केवल मनरेगा का नाम बदलने, बल्कि नेशनल हेराल्ड मामले में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के विरोध में भी किया गया। इस प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए।
नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा एक ऐतिहासिक संस्थान है, जिसकी स्थापना जवाहरलाल नेहरू ने की थी। शिवकुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक एफआईआर की प्रति नहीं दी गई है और ऐसी कार्रवाइयों से ईडी की साख को नुकसान पहुंच रहा है।
देशव्यापी आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस ने इस बिल के खिलाफ 17 दिसंबर 2025 को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार अधिकार-आधारित कल्याणकारी व्यवस्था को खत्म कर केंद्र-नियंत्रित खैरात मॉडल लागू करना चाहती है। पार्टी ने सभी प्रदेश इकाइयों को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें महात्मा गांधी के चित्रों का उपयोग किया जाएगा।
क्या है ‘VB-GRAM’ बिल
लोकसभा में पेश किए गए इस नए बिल के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। बिल में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंड शेयरिंग का अनुपात 60:40 तय किया गया है, जबकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर जैसे हिमालयी राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा। वहीं, राज्य सरकारों को कृषि के व्यस्त सीजन के दौरान 60 दिन पहले से अधिसूचित करने का अधिकार भी दिया गया है, जिन दिनों में इस योजना के तहत काम नहीं होगा।
कुल मिलाकर, नाम परिवर्तन और नए प्रावधानों को लेकर मनरेगा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।



