तेल से लेकर UPI और GDP तक, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में क्या-क्या बोले PM मोदी?
From oil to UPI and GDP—what did PM Modi say at the Global Fintech Fest?
PM Modi at Global Fintech Fest 2026: वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों से गुजर रही है। तेल को लेकर बढ़ते तनाव, अंतरराष्ट्रीय टकराव और बाजारों में अनिश्चितता के बीच भारत की आर्थिक स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के मंच से भारत की आर्थिक प्रगति, डिजिटल भुगतान व्यवस्था और वित्तीय समावेशन को लेकर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की अंतरराष्ट्रीय साख लगातार मजबूत हो रही है और विकसित भारत का लक्ष्य अब पहले से ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है।
PM Modi at Global Fintech Fest 2026 में प्रधानमंत्री ने भारत की GDP Growth, UPI की सफलता और फिनटेक सेक्टर के तेजी से बढ़ते प्रभाव का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया संघर्ष और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही हो और ऐसे समय में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ती है, तो यह केवल देश के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी भरोसे का संकेत बनता है।
तेल और वैश्विक टकराव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। कई क्षेत्रों में तनाव और टकराव का माहौल बना हुआ है। ऊर्जा और तेल से जुड़े मुद्दों ने भी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाला है। ऐसे समय में अप्रैल से जून की तिमाही को चुनौतीपूर्ण माना गया, लेकिन भारत की आर्थिक वृद्धि ने एक अलग तस्वीर पेश की।
PM Modi at Global Fintech Fest 2026 के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत की 7.8 प्रतिशत GDP Growth को देश की आर्थिक क्षमता और मजबूत बुनियादी ढांचे से जोड़कर देखा। उनका कहना था कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की विकास यात्रा जारी रहना दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी आर्थिक विश्वसनीयता लगातार मजबूत कर रहा है। विकसित भारत का विजन अब केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के युवाओं, स्टार्टअप्स, तकनीकी क्षेत्र और फिनटेक इकोसिस्टम की भागीदारी से आगे बढ़ती एक व्यापक प्रक्रिया बन रहा है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में PM मोदी की लगातार तीसरी मौजूदगी
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में अपनी लगातार तीसरी उपस्थिति को भी खास अंदाज में याद किया। उन्होंने इसे एक तरह की “हैट्रिक” बताया और कहा कि 2024 में तीसरी बार सरकार बनने के बाद यह मंच पर उनकी एक और हैट्रिक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे साल ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में मौजूद होना यह दिखाता है कि विकसित भारत की यात्रा में फिनटेक सेक्टर की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के काम और योगदान को देश के भविष्य के लिए जरूरी बताया।
PM Modi at Global Fintech Fest 2026 में उन्होंने यह भी कहा कि हर बार इस मंच पर आने के दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक युवा चेहरे दिखाई देते हैं। युवाओं की बढ़ती भागीदारी, नई ऊर्जा और जोखिम लेने की इच्छा भारत के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
युवाओं के बड़े सपनों से मजबूत हो रहा विकसित भारत का भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, भारत में युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है। अब युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि नए कारोबार, तकनीकी समाधान और वैश्विक स्तर के उत्पाद तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ रही है और उनके सपने भी पहले से बड़े हो गए हैं। यही बदलाव विकसित भारत के भविष्य को लेकर उनके भरोसे को और मजबूत करता है।
PM Modi at Global Fintech Fest 2026 के संदेश का एक बड़ा हिस्सा यही रहा कि भारत का फिनटेक और डिजिटल इकोसिस्टम केवल तकनीक का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह युवाओं, उद्यमियों और आम नागरिकों को आर्थिक अवसरों से जोड़ने का माध्यम बन चुका है।
UPI को बताया भारत के फिनटेक सेक्टर की सबसे बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में UPI का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI भारत के फिनटेक सेक्टर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
आज UPI के जरिए छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, शहरों से लेकर गांवों तक और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का डिजिटल भुगतान ढांचा दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरा है।
PM Modi at Global Fintech Fest 2026 में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब केवल दूसरे देशों की तकनीकी व्यवस्थाओं को अपनाने वाला देश नहीं रह गया है। देश अब अपने नियम और अपने मानक तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
UPI ने लाखों लोगों को औपचारिक बैंकिंग और डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छोटी रकम के लेन-देन से लेकर रोजमर्रा की खरीदारी तक, डिजिटल पेमेंट अब बड़ी संख्या में भारतीयों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
RBI गवर्नर बोले- फिनटेक ने बदल दी भारतीय वित्त की दुनिया
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी फिनटेक सेक्टर के प्रभाव पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में फिनटेक ने भारतीय वित्तीय व्यवस्था को काफी बदल दिया है।
उनके अनुसार, पहले बैंकिंग सेवाएं काफी हद तक फिजिकल बैंक शाखाओं तक सीमित थीं। लेकिन अब तकनीक ने बैंकिंग को सीधे लोगों के मोबाइल और हाथों तक पहुंचा दिया है।
आज छोटे शहरों के दुकानदार, दूरदराज के गांवों में रहने वाले किसान और महानगरों के युवा प्रोफेशनल डिजिटल वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। UPI, आधार आधारित भुगतान व्यवस्था और जन धन इकोसिस्टम जैसे प्लेटफॉर्म ने वित्तीय सेवाओं की पहुंच को काफी आसान बनाया है।
फिनटेक ने वित्तीय समावेशन को बनाया रोजमर्रा की हकीकत
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वित्तीय समावेशन अब केवल सरकारी नीति का उद्देश्य भर नहीं रह गया है। यह लाखों भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
फिनटेक की मदद से बड़ी और विविध आबादी को तेजी से और अपेक्षाकृत कम लागत पर औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना संभव हुआ है। लोग अब डिजिटल माध्यम से लेन-देन करने के साथ बचत, भुगतान और वित्तीय सेवाओं का लाभ भी ले रहे हैं।
PM Modi at Global Fintech Fest 2026 का पूरा संदेश भारत की इसी बदलती आर्थिक तस्वीर के इर्द-गिर्द रहा। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि, डिजिटल भुगतान का विस्तार और युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने फिनटेक सेक्टर को देश की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।
तेल से जुड़े वैश्विक तनाव हों, आर्थिक अनिश्चितता हो या डिजिटल फाइनेंस का तेजी से बदलता दौर, भारत खुद को नई तकनीक और मजबूत आर्थिक ढांचे के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश साफ था कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक विकास के साथ तकनीकी नवाचार और वित्तीय समावेशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
आने वाले समय में UPI, डिजिटल पेमेंट, फिनटेक स्टार्टअप्स और नई वित्तीय तकनीकों का प्रभाव और बढ़ सकता है। ऐसे में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट जैसे मंच भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ-साथ भविष्य की वित्तीय दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


