
देहरादून: संविधान दिवस के अवसर पर सोमवार को सचिवालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना को दोहराकर संविधान की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों और प्रशासन को जागरूक करना था।
उल्लेखनीय उपस्थिति
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, एडीजी श्री ए.पी. अंशुमान, आईजी श्री के.एस. नगन्याल, सचिव श्री पंकज कुमार पांडेय, श्री दीपेंद्र चौधरी, डॉ. आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय सिंह, और अपर सचिव श्रीमती सोनिका सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
संविधान की प्रस्तावना का महत्व
मुख्य सचिव ने संविधान की प्रस्तावना को पुनः पढ़ते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “संविधान सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक न्याय के मूलभूत सिद्धांतों का आधार है। हमें इसे अपने कर्तव्यों और दायित्वों के रूप में आत्मसात करना चाहिए।”
समानता और समर्पण की अपील
मुख्य सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान दिवस का यह अवसर हमें भारत के लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, और समतामूलक समाज के निर्माण की प्रतिबद्धता की याद दिलाता है।
संविधान दिवस का महत्व
गौरतलब है कि संविधान दिवस 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकृत करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन देशवासियों को संविधान के प्रति उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देने के साथ-साथ इसके प्रति सम्मान जताने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने संविधान की उद्देशिका को आत्मसात करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

