सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी: अमेरिकी शटडाउन खत्म होने से बाजार में लौटी रौनक, रुपया भी मजबूत हुआ
Sensex and Nifty surge: Markets rebound as US government shutdown ends, rupee also strengthens.
मुंबई: मंगलवार, 11 नवंबर को घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 335.97 अंक या 0.40% की उछाल के साथ 83,871.32 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 120.60 अंक या 0.47% चढ़कर 25,694.95 पर जाकर रुका. वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे मजबूत होकर 88.57 पर बंद हुआ.
आईटी, ऑटो, मेटल और एफएमसीजी सेक्टरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. अमेरिकी सीनेट द्वारा संघीय शटडाउन खत्म करने वाले विधेयक को पारित करने के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख देखा गया, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा.
सुस्त शुरुआत के बाद बाजार ने पकड़ी रफ्तार
सुबह बाजार ने हल्की कमजोरी के साथ शुरुआत की थी. लेकिन जैसे-जैसे विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत आने लगे, सेंसेक्स और निफ्टी ने तेजी पकड़ ली. सेंसेक्स ने 83,936 के ऊपरी स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी ने भी दिन के उच्चतम स्तर के पास कारोबार खत्म किया.
आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा बढ़त
निफ्टी आईटी इंडेक्स 428 अंक या 1.20% उछला, जबकि निफ्टी ऑटो 288 अंक (1.07%) की बढ़त के साथ बंद हुआ. निफ्टी एफएमसीजी 188 अंक (0.34%) और निफ्टी बैंक 200 अंक (0.35%) ऊपर रहा.
बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और टाटा मोटर्स पीवी के शेयरों में हालांकि हल्की गिरावट दर्ज की गई.
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला रुख
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 302 अंक या 0.50% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 37 अंकों या 0.21% की गिरावट रही.
रुपया भी मजबूत हुआ
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे बढ़कर 88.57 पर बंद हुआ. विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में डॉलर की कमजोरी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद ने रुपये को मजबूती दी. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और एफआईआई की बिकवाली से निवेशकों की धारणा कुछ कमजोर रही.
वैश्विक संकेतों से मिली मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के साथ “निष्पक्ष व्यापार समझौते” पर पहुंचने के बयान ने बाजार की धारणा को बल दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ “पहले से अलग और संतुलित व्यापार समझौते” के करीब है.
डॉलर इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 99.61 पर रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 0.34% बढ़कर 64.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचीं.
विश्लेषक बोले — बाजार में बनी रहेगी हल्की तेजी
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के अनुसार, “वैश्विक बाजारों में जोखिम उठाने की प्रवृत्ति बढ़ी है और डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे रुपये और बाजार में स्थिरता की उम्मीद है.”
वहीं जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर ने कहा कि, “दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और बाजार में सुधार का माहौल बना हुआ है.”
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को वैश्विक संकेतों और अमेरिकी शटडाउन खत्म होने की खबर से तेजी लौटी. आने वाले दिनों में निवेशक डॉलर, तेल और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की दिशा पर नजर बनाए रखेंगे.


